एक्ट्रेस तापसी पन्नू और धरती पेडणेकर द्वारा बुजुर्ग शूटर दादियों के भूमिका करने पर उठाए जा रहे है सवाल

एक्ट्रेस तापसी पन्नू और धरती पेडणेकर द्वारा बुजुर्ग शूटर दादियों के भूमिका करने पर  उठाए जा रहे है सवाल

फिल्म 'सांड की आंख' में युवा एक्ट्रेस तापसी पन्नू और धरती पेडणेकर द्वारा बुजुर्ग शूटर दादियों के भूमिका करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस बहस का आगाज कंगना रनोट की बहन रंगोली ने किया था. उसके बाद नीना गुप्ता ने भी उनके सुर में सुर मिलाए थे. रंगोली के स्टेटमेंट से तिलमिलाए फिल्म के मेकर्स ने मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए कुछ बड़े खुलासे किए हैं व नाम न छापने की शर्त पर भास्कर को रंगोली के सवालों की वास्तविक वजह बताई है.

  1. मेकर्स का बोलना है कि सच में पहले शूटर दादियों का भूमिका कंगना को ही ऑफर हुआ था व वे इसे करने को राजी भी थीं. लेकिन वे कई शर्तें थोप रही थीं. पहले तो कंगना यह दबाव बना रही थीं कि दोनों दादियों के भूमिका को एक कर दिया जाए, ताकि दूसरी हीरोइन की गुंजाइश समाप्त हो जाए व सिर्फ वे फिल्म में हर ओर नजर आएं. फिर उनका बोलना था कि अगर एक एक्ट्रेस पर बात नहीं बनती तो फिल्म में उनका डबल भूमिका कर दिया जाए, ताकि शूटर दादियों चंद्रो व प्रकाशी तोमर दोनों के भूमिका वे ही कर सकें. इन शर्तों को न माने जाने पर उन्होंने यह फिल्म छोड़ दी थी.

  2. यह भूमिका कंगना को ऑफर हुआ था. उन्हें कहानी असरदार लगी थी, लेकिन उनका मानना था कि फिल्म को 50 वर्ष से ऊपर की ही कोई हीरोइन करे तो ही अच्छा होगा. इसीलिए यह फिल्म उन्होंने नहीं की.

  3. सूत्रों की मानें तो ऐसे के भूमिका के जरिए कंगना अपनी एक्टिंग को व निखारना चाहती थीं. वे इससे पहले 80 वर्ष की बुजुर्ग महिला के प्रयत्न पर फिल्म 'तेजू' बनाना चाहती थीं, लेकिन वह डिले हो गई. दो वर्ष बाद भी यह फिल्म फ्लोर पर नहीं जा पाई. नतीजतन, कंगना 'सांड की आंख' करना चाहती थीं, मगर ऐसा हो न सका.

  4. मेकर्स को कंगना के डबल भूमिका वाली बात एक हद तक जंची थी. क्योंकि 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' में उनकी दोहरी किरदार को पसंद किया गया था. लेकिन बाद में मेकर्स को लगा कि दोनों दादियां बेहद पॉपुलर हैं. दोनों की अपनी अलग पहचान है. ऐसे में, डबल भूमिका की गुंजाइश नहीं रही. नतीजतन, मेकर्स व कंगना के बीच बात नहीं बनी. फाइनली दादियों का भूमिका तापसी व धरती को मिल गया.