समझे अपने बच्चे की कठिनाई,ताकि न करना पड़ें बुली जैसी समस्याओं का सामना...

समझे अपने बच्चे की कठिनाई,ताकि न करना पड़ें बुली जैसी समस्याओं का सामना...

बचपन की यादों में एक बात जो बहुत सारे लोगों को याद आती है वो है कभी न कभी बदमाश बच्चों की वजह से परेशान होना यानि कि बुली होना. ये शरारत केवल बचपन ही नही बड़े होने पर भी होती है जिसे हम कॉलेज में रैगिंग का नाम देते हैं. लेकिन क्या आप जानते है बचपन की इन शरारतों का प्रभाव कुछ लोगों पर बहुत गहरा होता है. आपके बच्चे को भी ऐसी किसी समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए जरुरी है कि आप उन्हें कुछ बातों के बारे में जरुर समझाएें जिससे जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर रैगिंग या बुली होने जैसी कठिनाई का सामना न करना पड़ें.

जागरुक करें अपने बच्चे को इस बात के बारे में जरुर समझाएें कि कोई उसे परेशान करके या डरा धमका कर कोई कार्य कराता है तो उसे घबराने की जरुरत नहीं है. ज्यादातर अभिभावक को लगता है कि इसमें बताने जैसी क्या बात है लेकिन ध्यान रहें अगर आप उसको पहले से बताएंगे कि किसी के डराने धमकाने से डरने की जरुरत नहीं है तो वह इन सब समस्याओं का सामना सरलता से कर लेगा व होने कि सम्भावना है कि आगे से वो अपने साथ इस तरह की घटनाओं के लिए खुद को तैयार कर ले व अपना बचाव करे.

इस बारे में बात करें बच्चों के साथ हुई ऐसी किसी भी घटना के बारे में बात करें. उससे पूछे कि क्या हुआ. बहुत से माता पिता का मानना है कि इन सब घटनाओं के बारे में बात करने से उनके बच्चे को लोग डरपोक कहेंगे लेकिन एक शिक्षक, अभिभावक या गाइड के रुप में जरुरी है कि बच्चों के साथ हुई ऐसी किसी घटना का जिक्र करने को कहें व उनकी तकलीफ को दूर करने का कोशिश करें.

साइबर बुली होने से बचाएं इंटरनेट के जमाने में बच्चे अपना बहुत सा समय इसी पर गुजारते हैं व ऐसा करने से आप उन्हें रोक नहीं सकते हैं. आजकल सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं ऐसे में कुछ लोग सार्वजनिक रुप से गंदे कमेंट करके या फिर किसी तरह की अफ़वाह उड़ा कर परेशान करते हैं. अपने बच्चे को ऐसी किसी भी स्थिति के बारे में बताएं व समझाएं की उससे कैसे बचें.

समाज में ऐसी किसी भी तरह की समस्या एक कायर व अवसाद ग्रस्त समाज का निर्माण करती है. इसलिए जरुरी है कि अपने बच्चों को इन बुराईयों के बारे में समझाएं ताकि न वो किसी के साथ ऐसा करें व न ही उनके साथ ऐसी किसी तरह की घटना हो.