स्कूल के बाहर खड़े एक ऑटो पर आकस्मित आसमान से गिरा ये, देखकर लोग हुए हैरान

 स्कूल के बाहर खड़े एक ऑटो पर आकस्मित आसमान से गिरा ये,  देखकर लोग हुए हैरान

चंडीगढ़ के सेक्टर-37सी स्थित सरकार मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर खड़े एक ऑटो पर आकस्मित सफेदा (यूकेलिप्टस) की वजनदार डाल गिर गई.

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इससे ऑटो में बैठे चालक की दबकर मौके पर ही मृत्यु हो गई. वहीं, ऑटो का अगला भाग पूरी तरह से पिचक गया. मृतक की पहचान मलोया निवासी नरेश कुमार (53) के रूप में हुई है.

नरेश स्कूल के बाहर ऑटो खड़ा कर बच्चों की छुट्टी होने का इंतजार कर रहा था. हैरानी इस बात कि है कि इससे पहले भी शहर में पेड़ गिरने से कई मौतें हो चुकी हैं लेकिन यूटी प्रशासन वनगर निगम के ऑफिसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन समय रहते पेड़ों की जाँच क्यों नहीं करता? या फिर समय-समय पर पेड़ों की छंटाई क्यों नहीं कराई जाती. वैसे सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मुद्दे की छानबीन प्रारम्भ कर दी है.

सेक्टर-37सी स्थित सरकार मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर ऑटो नंबर (सीएच04के 9720) इंतजार कर रहा था. ऑटो में चालक नरेश बैठा हुआ था. इसी बीच आकस्मित पास लगे यूकेलिप्टस के पेड़ की वजनदार डाल ऑटो पर आ गिरी. हादसे में ऑटो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया व चालक नरेश दब गया.

शोरशराबे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए व पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने लोगों की मदद से घायल नरेश को किसी तरह ऑटो से बाहर निकाला. उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी. ऑटो व सड़क खून से लाल हो गई थी. पीसीआर ने घायल नरेश को तुरंत पीजीआई में पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

इसी स्कूल में पढ़ती थी नरेश की नातिन
नरेश कुमार मलोया कालोनी के मकान नंबर 5394 में परिवार समेत रहते थे. उनके एक बेटा व पांच बेटियां हैं. बेटा शनि कुमार पीजीआई में लैबोरेटरी में कार्यरत है. शनि ने बताया कि पिता नरेश कुमार प्रतिदिन की तरह स्कूल से बच्चों को लेकर उनके घर छोड़ने जाने वाले थे. इसी स्कूल में उनकी नातिन वैष्णो छठी क्लास में पढ़ती है.

परिवार था पिता पर निर्भर
नरेश की पांच बेटियां है. ऐसे में घर की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी. घर में कमाने वाले वह इकलौते थे. ऐसे में इस हादसे के बाद परिवार की का कोई सहारा नहीं बचा है. नरेश ऑटो चलाने के अतिरिक्त भाग टाइम बच्चों को स्कूल ले जाने व लाने का कार्य करते थे. हादसे के बाद से ही परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है.

एक वर्ष में हो चुकी हैं चार मौतें
2 जून साल 2018 में सेक्टर-10/11 के डिवाइडिंग रोड पर पेड़ गिरने से युवक की मौत. 14 अगस्त साल 2018 को सेक्टर-10 में दो भाई दिनेश व रमेश पर पेड़ गिरा था. इसमें दिनेश की मृत्यु हो गई जबकि रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया. 12 जून साल 2109 में मौलीजागरां निवासी बलीराम पर पेड़ गिरने से मौत, दो अन्य घायल .