कप्तान दिमुथ करुणारत्ने का शतक, श्रीलंका की पहली पारी में मजबूत शुरुआत

कप्तान दिमुथ करुणारत्ने का शतक, श्रीलंका की पहली पारी में मजबूत शुरुआत

कप्तान दिमुथ करुणारत्ने की नाबाद शतकीय पारी से श्रीलंका ने दो मैचों की सीरीज के शुरुआती टेस्ट के पहले दिन वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को तीन विकेट पर 267 रन बनाकर मजबूत नींव रखी। बायें हाथ के सलामी बल्लेबाज करुणारत्ने 264 गेंद की पारी में 13 चौकों की मदद से 132 रन बनाकर क्रीज पर डटे हैं। उनके साथ धनंजय डिसिल्वा 56 रन बनाकर खेल रहे है। दोनों ने चौथे विकेट के लिए अब तक 97 रन की अटूट साझेदारी कर ली है।


करुणारत्ने का टास जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला सही साबित हुआ। उन्होंने पाथुम निशांका के साथ पहले विकेट के लिए 139 रन की शानदार साझेदारी कर श्रीलंका को मजबूत शुरुआत दिलाई। निशांका ने सात चौकों की मदद से 56 रन बनाए। करुणारत्ने को हालांकि जीवनदान भी मिला। जब वह 14 रन पर थे तब रहकीम कार्नवाल की गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए स्लिप में खड़े जर्मेन ब्लैकवुड के हाथों में पहुंची, लेकिन वेस्टइंडीज के उप कप्तान ने आसान कैच छोड़ दिया।


विकेट लेने की जल्दी में वेस्टइंडीज ने पहले सत्र में ही अपने दोनों रिव्यू गंवा दिए। वेस्टइंडीज को पहली सफलता 50वें ओवर में मिली, जब शेनन ग्रैब्रियल (1/56) की गेंद पर कार्नवाल ने स्लिप में निशांका का शानदार कैच लपका। तीसरे सत्र की शुरुआत में रोस्टन चेस (2/42) ने जल्दी-जल्दी दो विकेट झटककर वेस्टइंडीज की वापसी करने की कोशिश की। उन्होंने ओशादे फनरंडो और अनुभवी एंजोलो मैथ्यूज को पवेलियन भेजा। दोनों ने तीन-तीन रन बनाए। करुणारत्ने ने 69वें ओवर में गैब्रियल की गेंद पर दो रन लेकर 212 गेंद में टेस्ट करियर का 13वां शतक पूरा किया।


चोटिल हुए सोलोजन

वेस्टइंडीज के युवा खिलाड़ी जेरेमी सोलोजानो शार्ट लेग पर क्षेत्ररक्षण करते समय दिन के पहले सत्र में चोटिल हो गए। गेंद उनके हेलमेट पर लगने के बाद वह मैदान से बाहर चले गए। वेस्टइंडीज टीम प्रबंधन ने थोड़ी देर बाद इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किया कि खिलाड़ी अच्छा महसूस नहीं कर रहा था और स्कैन तथा आगे के इलाज के लिए उसे कोलंबो के एक अस्पताल में ले जाया गया है। उन्होंने बाद में एक और ट्वीट कर बताया कि सोलोजानो के सिर में कोई गंभीर बाहरी चोट नहीं है लेकिन वह रात में अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे।


एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एंटीलिया मामले में गिरफ्तार क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का विशेष अदालत का आदेश खारिज कर दिया। 

हाईकोर्ट की जस्टिस एसके शिंदे की एकल पीठ ने बुधवार को गौर द्वारा दायर अर्जी की सुनवाई की। इसमें गौर ने उसे मिली 25 दिन की जमानत पर विशेष एनआईए कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी थी। एनआईए ने आरोपी गौर को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह एंटीलिया बम दहशत केस में और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में शामिल है।

20 नवंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दे दी थी कि प्रथम दृट्या यह पाया गया है कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी। गौर केस का पहला आरोपी है, जिसे जमानत मिली है। हालांकि इसके बाद विशेष कोर्ट ने 25 दिन की जमानत देने के अपने ही आदेश पर अभियोजन पक्ष के आग्रह पर रोक लगा दी थी। 

इसके बाद गौर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। गौर ने अपने वकील अनिकेत निकम के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर कर विशेष कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। यह मामला मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एसयूवी खड़ी करने से जुड़ा है। 

गौर ने अपनी अपील में कहा कि विशेष कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दी थी कि उसकी एंटीलिया साजिश और मनसुख हिरेन हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद एनआईए कोर्ट को अपने ही आदेश पर रोक नहीं लगाना थी। इसके बाद जस्टिस शिंदे ने इन दलीलों को स्वीकार किया और जमानत पर रोक का एनआईए कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया।