भारत-न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट मैच के दौरान क्रिकेट फैंस ने लगाए 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे, देखें वीडियो

भारत-न्यूजीलैंड कानपुर टेस्ट मैच के दौरान क्रिकेट फैंस ने लगाए 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे, देखें वीडियो

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला कानपुर में खेला जा रहा है। करीब पांच साल बाद कानपुर में हो रहे टेस्ट मैच को देखने दर्शक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। मैच के दौरान ग्रीन पार्क में दर्शकों की भीड़ में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। साल 2016 के बाद कानपुर में पहली बार कोई टेस्ट मैच खेला जा रहा है।  

दर्शकों ने लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भारत की पारी को शुरू हुए करीब आधा घंटा बीत चुका था। फैंस ने इस दौरान टीम इंडिया के उत्साह को स्लोगन्स के जरिए बढ़ाने की कोशिश की। दर्शकों ने नारा लगाते हुए कहा, जीतेगा भाई जीतेगा, भारत जीतेगा। इसके बाद इन क्रिकेट फैंस ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे जोर-जोर से लगाए जिसमें कुछ दर्शकों ने उनका साथ देते हुए मुर्दाबाद मुर्दाबाद कहा। इसके बाद क्रिकेट फैंस ने भारत माता की जय और वंद मातरम कह कर अपनी देश भक्ति दिखाई। भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पिछले कई सालों से दोनों टीमों के बीच कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। 

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काइल जेमीसन ने न्यूजीलैंड को दिलाई पहली सफलता

कानपुर में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। रोहित शर्मा और केएल राहुल की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया का पारी का आगाज करने मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल आए। इऩ दोनों खिलाड़ियों को काइल जेमीसन और टिम साउदी की स्विंग गेंदबाजी के आगे काफी संघर्ष करना पड़ा। 

जेमीसन ने अपनी इन स्विंग और आउट स्विंग से दोनों बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। भारत की  पारी का आठवां ओवर चल रहा था। उस समय मयंक अग्रवाल 13 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इस दौरान जेमीसन की एक गेंद खेलने के प्रयास में वह चूक गए और बल्ले का किनारा दे बैठे। विकेटकीपर टॉम ब्लंडेन ने उनका कैच लपका। मयंक जब आउट हुए तो इस समय भारत का स्कोर 7.5 ओवर में 21 रन था। 

एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एंटीलिया मामले में गिरफ्तार क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का विशेष अदालत का आदेश खारिज कर दिया। 

हाईकोर्ट की जस्टिस एसके शिंदे की एकल पीठ ने बुधवार को गौर द्वारा दायर अर्जी की सुनवाई की। इसमें गौर ने उसे मिली 25 दिन की जमानत पर विशेष एनआईए कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी थी। एनआईए ने आरोपी गौर को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह एंटीलिया बम दहशत केस में और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में शामिल है।

20 नवंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दे दी थी कि प्रथम दृट्या यह पाया गया है कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी। गौर केस का पहला आरोपी है, जिसे जमानत मिली है। हालांकि इसके बाद विशेष कोर्ट ने 25 दिन की जमानत देने के अपने ही आदेश पर अभियोजन पक्ष के आग्रह पर रोक लगा दी थी। 

इसके बाद गौर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। गौर ने अपने वकील अनिकेत निकम के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर कर विशेष कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। यह मामला मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एसयूवी खड़ी करने से जुड़ा है। 

गौर ने अपनी अपील में कहा कि विशेष कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दी थी कि उसकी एंटीलिया साजिश और मनसुख हिरेन हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद एनआईए कोर्ट को अपने ही आदेश पर रोक नहीं लगाना थी। इसके बाद जस्टिस शिंदे ने इन दलीलों को स्वीकार किया और जमानत पर रोक का एनआईए कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया।