भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज एशेज से ज्यादा पसंद की जाती है, पूर्व कप्तान का दावा

भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज एशेज से ज्यादा पसंद की जाती है, पूर्व कप्तान का दावा

एक समय था जब भारत और पाकिस्तान आइसीसी इवेंट्स, शारजाह में टूर्नामेंट और कुछ द्विपक्षीय सीरीज में एक-दूसरे के साथ अक्सर खेलते थे। हालांकि, सीमा के दोनों ओर बढ़ते राजनीतिक तनाव के कारण दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध ठप हो गए। आज, भारत और पाकिस्तान केवल ICC इवेंट्स के दौरान एक-दूसरे से भिड़ते हैं। आखिरी बार 2019 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने जीत हासिल की थी। दोनों देशों के बीच क्रिकेट शुरू करने की वकालत पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम उल हक ने की है। उनका कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीरीज एशेज सीरीज से बड़ी होगी।

पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने स्पोर्ट्स्टार को दिए इंटरव्यू में कहा है, "एशेज की तुलना में भारत-पाकिस्तान सीरीज को बहुत अधिक पसंद किया है और लोगों ने हर पल का भरपूर आनंद लिया। खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए एशिया कप और भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज का होना भी जरूरी है।" करीब एक दशक से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज देखने को नहीं मिली है। यही कारण है कि हर कोई दोनों देशों को खेलते देखना चाहता है, क्योंकि दोनों ही टीमें एक-दूसरे की कट्टर प्रतिद्वंदी हैं।


इंजमाम ने कहा है, "प्रत्येक प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है। हमारे समय में, एशिया कप एक ऐसा टूर्नामेंट था जहां शीर्ष टीमें प्रतिस्पर्धा करती थीं। जितना अधिक आप उच्च गुणवत्ता वाला क्रिकेट खेलते हैं, आप अपने कौशल का विकास करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि भारत पाकिस्तान के साथ खेल रहा होता, तो खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के लिए उत्साहित होते, क्योंकि वे इन मैचों के महत्व और तीव्रता को जानते हैं। यह न केवल एक खिलाड़ी को बढ़ने में मदद करता है, बल्कि उसे प्रशंसकों से प्रशंसा अर्जित करने में भी मदद करता है। मुझे लगता है कि इन टूर्नामेंटों का होना महत्वपूर्ण है।"


चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाजों को अकेले छोड़ देना चाहिए

चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाजों को अकेले छोड़ देना चाहिए

भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि खेल में खामियों को परखने की जिम्मेदारी स्वयं खिलाड़ी की है और चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी के आलोचकों को उन्हें खुद इसका आकलन करने के लिए छोड़ देना चाहिए। मौजूदा भारतीय टीम में कोहली के बाद पुजारा टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 86 मैचों में 6267 रन बनाए हैं, लेकिन उन पर अक्सर जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक रवैया अपनाने के आरोप लगते रहे हैं।

कोहली ने कहा, "इस बारे में पिछले कुछ समय से बात हो रही है और मैं ईमानदारी से महसूस करता हूं कि इस तरह की प्रतिभा और अनुभव वाले खिलाड़ी को खेल की कमियां निकालने के लिए अकेला छोड़ दिया जाना चाहिए। मैं बाहर से कह सकता हूं कि आलोचना अनावश्यक है, लेकिन मैं इस तथ्य को जानता हूं कि पुजारा को इसकी परवाह नहीं है और ऐसी आलोचना उतनी ही प्रासंगिक है जितनी आप चाहते हैं।"

वहीं, शार्दुल ठाकुर की बल्लेबाजी क्षमता को लेकर कोहली ने कहा, "हां, उन्हें (शार्दुल को) ऑलराउंडर बनाया जा सकता है। वह पहले से ही एक बहुआयामी क्रिकेटर हैं और यह अधिक से अधिक आत्मविश्वास हासिल करने के बारे में है। उसके जैसा कोई खिलाड़ी टेस्ट या किसी भी प्रारूप की टीम को संतुलित बनाने में मदद करता है। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो सिर्फ इस सीरीज में नहीं, बल्कि आगे के लिए भी बहुत जरूरी होंगे।"


साल 2018 के इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया को 1-4 से हार का सामना करना पड़ा था। उसे याद करते हुए कोहली ने इस बार की टीम इंडिया के बारे में कहा, "2018 में जो खिलाड़ी अनुभवहीन थे, वे अब ज्यादा अनुभवी हैं। हां, असफलताएं होंगी, लेकिन हमारे पास पर्याप्त खिलाड़ी होंगे, जो दबाव की परिस्थितियों में खुद को साबित करने के लिए बेताब होंगे।"

तेज और उछाल भरी पिच चाहते हैं एंडरसन


भारत के खिलाफ सीरीज से पहले इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का मानना है कि जिस तरह से भारत ने इस साल के शुरू में अपनी घरेलू मैदानों पर अनुकूल पिचें बनाई थीं उसी तरह से इंग्लैंड को भी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान तेज और उछाल वाली अच्छी पिचें तैयार करनी चाहिए।

एंडरसन ने कहा, "यदि हम पिच पर थोड़ा घास छोड़ते देते हैं तो मुझे नहीं लगता कि भारत को कोई शिकायत हो सकती है क्योंकि भारत के पिछले दौरे में हम निश्चित तौर पर उनके अनुकूल परिस्थितियों में खेले थे। अगर पिच पर थोड़ी घास मौजूद रहती है तो भारत के पास भी अच्छा तेज गेंदबाजी आक्रमण है। तेज गेंदबाज होने के नाते हम तेजी और उछाल चाहते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि गेंद स्विंग होगी और ऐसे में गेंद के बल्ले का किनारा लेने की संभावना बढ़ जाती है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे पिच पर कुछ घास छोड़ेंगे और रोलर भी चलाएंगे।"


वहीं भारतीय बल्लेबाजी और कप्तान विराट कोहली का विकेट लेने के बारे में एंडरसन ने कहा, "भारत की बल्लेबाजी बेहद मजबूत है और आप किसी एक बल्लेबाज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकते। कोहली निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण विकेट हैं क्योंकि वह कप्तान हैं और टीम पर उनका सकारात्मक प्रभाव है। चेतेश्वर पुजारा ऐसे बल्लेबाज हैं जो लंबे समय तक क्रीज पर पैर जमाए रख सकते हैं। इसलिए वह भी महत्वपूर्ण विकेट हैं।"


39 वर्षीय एंडरसन का मानना है कि आइपीएल ने बल्लेबाजों को निडर बना दिया है। उन्होंने कहा, "आइपीएल की पीढ़ी के बल्लेबाज निडर होकर खेलते हैं और किसी भी प्रारूप में शाट लगाने से नहीं डरते हैं। रिषभ पंत को ही देख लें, पिछले दौरे में मेरे खिलाफ नई गेंद पर वह रिवर्स स्वीप कर रहे थे। आपने कभी सौरव गांगुली को ऐसा करते हुए नहीं देखा होगा।"