कानपुर टेस्ट की पिच देख क्यूरेटर से की बात; अभ्यास पिचों से दिखे नाखुश, सुधारने को कहा

कानपुर टेस्ट की पिच देख क्यूरेटर से की बात; अभ्यास पिचों से दिखे नाखुश, सुधारने को कहा

टीम इंडिया के कप्तान अजिंक्य रहाणे और कोच राहुल द्रविड़ सोमवार को कानपुर में बायो बबल का घेरा तोड़कर ग्रीन पार्क स्टेडियम पहुंच गए। दोनों शाम करीब 4.30 बजे वहां पहुंचे। उन्होंने मैदान और पिच का बारीकी से निरीक्षण किया।

क्यूरेटर एल. प्रशांत राव से मुलाकात कर विकेट के नेचर के बारे में भी बात की। वह नए ड्रेसिंग रूम में करीब 15 मिनट तक रुके। कोच ने अभ्यास पिचों का निरीक्षण कर उसमें सुधार करने को भी कहा। वह अभ्यास पिचों के स्तर से थोड़ा नाखुश थे। भारतीय टीम मंगलवार दोपहर 2 बजे से प्रैक्टिस करेगी।

नहीं माने BCCI के निर्देश
BCCI के सख्त निर्देश थे कि कोई भी खिलाड़ी बायो बबल का घेरा तोड़ नहीं सकता, लेकिन कप्तान अजिंक्य रहाणे और कोच राहुल द्रविड़ ने उन निर्देशों को नजरअंदाज कर दिया। इससे पहले IPL के दौरान भी KKR (कोलकाता नाइट राइडर्स) के कुछ खिलाड़ियों ने बायो बबल का घेरा तोड़ा था। इसके बाद उस टीम के पांच खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। BCCI ने उन खिलाड़ियों पर जुर्माना भी लगाया था।

एयरपोर्ट से होटल और उसके बाद पहुंचे ग्रीन पार्क
कप्तान अजिंक्य रहाणे तो कानपुर में पहले से आइसोलेट थे, लेकिन कोच राहुल द्रविड़ सोमवार को कानपुर पहुंचे। वह होटल से अजिंक्य रहाणे के साथ सीधे ग्रीन पार्क मैदान पहुंच गए। जहां उन्होंने पिच का निरीक्षण किया।


एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एंटीलिया मामले में गिरफ्तार क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का विशेष अदालत का आदेश खारिज कर दिया। 

हाईकोर्ट की जस्टिस एसके शिंदे की एकल पीठ ने बुधवार को गौर द्वारा दायर अर्जी की सुनवाई की। इसमें गौर ने उसे मिली 25 दिन की जमानत पर विशेष एनआईए कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी थी। एनआईए ने आरोपी गौर को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह एंटीलिया बम दहशत केस में और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में शामिल है।

20 नवंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दे दी थी कि प्रथम दृट्या यह पाया गया है कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी। गौर केस का पहला आरोपी है, जिसे जमानत मिली है। हालांकि इसके बाद विशेष कोर्ट ने 25 दिन की जमानत देने के अपने ही आदेश पर अभियोजन पक्ष के आग्रह पर रोक लगा दी थी। 

इसके बाद गौर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। गौर ने अपने वकील अनिकेत निकम के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर कर विशेष कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। यह मामला मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एसयूवी खड़ी करने से जुड़ा है। 

गौर ने अपनी अपील में कहा कि विशेष कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दी थी कि उसकी एंटीलिया साजिश और मनसुख हिरेन हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद एनआईए कोर्ट को अपने ही आदेश पर रोक नहीं लगाना थी। इसके बाद जस्टिस शिंदे ने इन दलीलों को स्वीकार किया और जमानत पर रोक का एनआईए कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया।