शादी की सालगिरह के अगले दिन भुवनेश्वर कुमार को मिला ‘अनमोल तोहफा’, खुशी में सब भूले गेंदबाज

शादी की सालगिरह के अगले दिन भुवनेश्वर कुमार को मिला ‘अनमोल तोहफा’, खुशी में सब भूले गेंदबाज

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार घर में नन्नी किलकारियां गूंदी है। गेंदबाज की पत्नी नूपुर कुमार ने बुधवार को अपनी पहले बच्चे का स्वागत किया। भुवनेश्वर की पत्नी ने बुधवार को दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। भुवनेश्वर और नूपुर की शादी 23 नवंबर 2017 को मेरठ में एक समारोह में हुई थी। उनकी चौथी शादी की सालगिरह मनाने के ठीक एक दिन बाद उनकी बेटी के जन्म की खबर आई।

क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार बेटी के पिता बने

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिता बन गए हैं। भुवनेश्वर की पत्नी नूपुर ने बुधवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। मेरठ जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एमडीसीए) के कोषाध्यक्ष राकेश गोयल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को भुवनेश्वर कुमार की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। फिलहाल दोनों पूरी तरीके से स्वस्थ हैं। भुवनेश्वर के बृहस्पतिवार को मेरठ स्थित आवास पर आने की उम्मीद है। गोयल के अनुसार मंगलवार को नूपुर को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। क्रिकेटर की शादी की सालगिरह के अगले दिन उनके घर बच्ची का जन्म हुआ है। 

मुश्किल दौर से गुजर रहे थे भुवनेश्वर कुमार 

भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की 3 मैचों की T20 श्रृंखला का हिस्सा थे। सीनियर वह मैच के लिए रविवार को कोलकाता में थे जहां न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम टी20 खेला जा रहा था। भुवनेश्वर कुमार के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भुवनेश्वर ने 2021 में क्रिकेट के मैदान पर और बाहर एक कठिन दौर का सामना किया है। मेरठ के तेज गेंदबाज ने मई में अपने पिता को लीवर कैंसर के कारण खो दिया।

सनराइजर्स हैदराबाद की पारी

भुवनेश्वर 2021 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेले। यहा उनका सफर साधारण था क्योंकि उन्होंने 11 मैचों में सिर्फ 6 विकेट लिए थे। खराब फॉर्म के बावजूद यूएई में टी 20 विश्व कप के लिए सीनियर पेसर को चुना गया था और वह केवल एक मैच खेलने में सफल रहे। पाकिस्तान के खिलाफ 3 ओवर में 25 रन देने के बाद, भुवनेश्वर को बाहर कर दिया गया और विश्व कप में प्लेइंग इलेवन में नहीं लिया गया।


एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

एंटीलिया केस: क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का आदेश खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एंटीलिया मामले में गिरफ्तार क्रिकेट बुकी नरेश गौर की जमानत पर रोक का विशेष अदालत का आदेश खारिज कर दिया। 

हाईकोर्ट की जस्टिस एसके शिंदे की एकल पीठ ने बुधवार को गौर द्वारा दायर अर्जी की सुनवाई की। इसमें गौर ने उसे मिली 25 दिन की जमानत पर विशेष एनआईए कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती दी थी। एनआईए ने आरोपी गौर को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह एंटीलिया बम दहशत केस में और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में शामिल है।

20 नवंबर को विशेष एनआईए कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दे दी थी कि प्रथम दृट्या यह पाया गया है कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी। गौर केस का पहला आरोपी है, जिसे जमानत मिली है। हालांकि इसके बाद विशेष कोर्ट ने 25 दिन की जमानत देने के अपने ही आदेश पर अभियोजन पक्ष के आग्रह पर रोक लगा दी थी। 

इसके बाद गौर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। गौर ने अपने वकील अनिकेत निकम के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील दायर कर विशेष कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। यह मामला मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी एसयूवी खड़ी करने से जुड़ा है। 

गौर ने अपनी अपील में कहा कि विशेष कोर्ट ने उसे इस आधार पर जमानत दी थी कि उसकी एंटीलिया साजिश और मनसुख हिरेन हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद एनआईए कोर्ट को अपने ही आदेश पर रोक नहीं लगाना थी। इसके बाद जस्टिस शिंदे ने इन दलीलों को स्वीकार किया और जमानत पर रोक का एनआईए कोर्ट का आदेश खारिज कर दिया।