अभियान चलाकर नालों के ऊपर अवैध बनाई गई रैंप जल्द टूटेगी

अभियान चलाकर नालों के ऊपर अवैध बनाई गई रैंप जल्द टूटेगी

मानसून से पहले कानपुर में चल रही नाला सफाई की नज़र ड्रोन से कराई जाएगी. नाला-नाली की सफाई के बाद ड्रोन और कैमरों से वीडियोग्राफी भी जरूरी रूप से होगी. गुरुवार को इसके निर्देश नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने निरीक्षण के दौरान दिए. नालों के ऊपर गैर कानूनी ढंग से बनाई गई रैंप को पूरे शहर में नगर निगम अभियान चलाकर तोड़ेगा, जिससे कि नाला सफाई में कहीं अड़चन न आए.

30 हजार रुपए वसूला जुर्माना
सड़क पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों पर नगर निगम ने कार्रवाई की. गुरुवार को नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन तात्याटोपे नगर का निरीक्षण कर रहे थे. इस दौरान सड़क तक निर्माण सामग्री फैलाकर निर्माण किया जा रहा था. इस पर नगर आयुक्त ने 3 लोगों पर जुर्माना लगाया और कुल 30 हजार रुपए यूजर चार्ज वसूला.

सफाई में ढिलाई पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान पनकी औद्योगिक क्षेत्र में कई स्थानों पर गन्दगी मिली. झाड़ू भी नहीं लगाई गई थी. इस पर नगर आयुक्त ने सफाई निरीक्षक अश्वनी कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जोनल स्वच्छता अधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि दोबारा ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए.

नाला सफाई के लिए तोड़ी रैंप
किदवई नगर वाई ब्लाक RBI नाले की सफाई के दौरान एक स्थान पर काफी संख्या में लोगों ने रैंप बना लिए थे. इससे नाला सफाई नहीं हो पा रही थी. वाई ब्लाक के बाहर स्लैब के ऊपर से डाली गयी रैम्प को नगर निगम ने तोड़ने की कार्यवाही प्रारम्भ की.

नाला सफाई के दौरान यहां से काफी संख्या में सिल्ट निकली. वहीं नगर आयुक्त ने पूरे शहर में नाला सफाई में रोड़ा बने रैंप को तोड़कर सफाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं


राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए

राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए

उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ और रामपुर लोक सभा सीटों के उपचुनाव में सपा की हार के बाद पार्टी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न उठाए हैं. 2012 में अखिलेश यादव किस तरह से सीएम बने थे, इस बारे में भी विस्तार से बताया. राजभर ने बुधवार को जिले के रसड़ा में पार्टी के प्रधान कार्यालय पर संवाददाताओं से वार्ता में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बोला कि वह अपने दम पर नहीं बल्कि अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कृपा से सीएम बने थे. साल 2012 का विधानसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में हुआ था मगर ताज अखिलेश के सिर सजा.

उन्होंने अखिलेश की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न खड़े करते हुए कहा, अखिलेश यादव के नेतृत्व में साल 2014, 2017, 2019 और 2022 में लोकसभा और विधानसभा के जो भी चुनाव हुए, सभी में समाजवादी पार्टी पराजित हुई. उपचुनाव और विधान परिषद के चुनाव में भी समाजवादी पार्टी हारी है. अखिलेश यादव स्वयं साफ करें कि अभी तक एक भी चुनाव में उन्हें जीत क्यों नहीं हासिल हुई. राजभर ने अखिलेश यादव को वातानुकूलित कमरों से निकलकर क्षेत्र में काम करने की राय देते हुए पूछा, अखिलेश यादव बताएं कि उन्होंने अभी तक धरातल पर क्या कार्य किया है. उन्होंने अभी तक कितने गांवों में बैठक की है. हाल के लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने स्वयं अपने पैर में कुल्हाड़ी मार ली. जिस पार्टी का मुखिया चुनाव प्रचार में नहीं जायेगा, वह पार्टी क्या चुनाव लड़ेगी? 

वर्ष 2024 में बीजेपी द्वारा यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने की आसार संबंधी सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे के बारे में पूछे जाने पर राजभर ने बोला कि विपक्षी दलों के नेताओं के रवैये में परिवर्तन नहीं आया तो बीजेपी यूपी में सभी 80 सीट जीत सकती है. उन्होंने इसके साथ ही बोला कि यूपी में संविधान और आरक्षण की रक्षा तथा पिछड़े वर्ग और दलितों के भलाई में बसपा, समाजवादी पार्टी तथा अन्य सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए. राजभर ने एक प्रश्न पर राय देते हुए बोला कि अखिलेश यादव को यूपी में 2024 में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव में 80 सीट में से 60 सीट पर स्वयं और 20 सीट पर सहयोगी दलों को चुनाव लड़ाना चाहिए.