सीएम ने मेधावियों से की भेंट और दिया मंत्र,कहा...

सीएम ने मेधावियों से की भेंट और दिया मंत्र,कहा...

Desk: मुख्यमंत्री ने मेरिटोरियस बच्चे तैयार करने वाले विद्यालय के प्रधानाचार्यों को शुभकामना दी और उनके अध्यापन और मूल्यांकन प्रणाली की जानकारी भी ली.सीएम ने बोला कि अभिभावकों के साथ पर्सनल संवाद नहीं होगा तो इसका असर बच्चों पर पड़ेगा ही, साथ ही अभिभावक को भी पता नहीं चलेगा कि विद्यालय में क्या हो रहा है. अतः ऐसी प्रबंध बनाई जानी चाहिए जिससे कि माह में एक बार शिक्षक बच्चे के घर जरूर जाएं. अभिभावकों से मिलें. सीएम ने प्रतिभा के आधार पर अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिभावान बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं/रेमेडियल क्लासेज संचालन की सराहना भी की. साथ ही बोला कि शिक्षक के पढ़ाने की शैली विषय की ग्राह्यता पर असर डालती है.

मुख्यमंत्री योगी ने बोला कि केंद्र और राज्य गवर्नमेंट ने विद्यार्थियों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं. सीएम कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्टैंड अप योजना, स्टार्ट अप योजना, मुद्रा योजना, डिजिटल इण्डिया आदि योजनाओं का बड़ी संख्या में युवाओं ने फायदा लिया है. योजना का पूरा विवरण पूरी जानकारी विद्यालय विद्यार्थियों को दें. प्रातःकालीन प्रार्थना सभा इसके लिए उचित अवसर हो सकती है. सीएम ने प्राचार्यों से बोला कि यह सुनिश्चित कराएं कि केंद्र और राज्य गवर्नमेंट की योजनाओं का फायदा बच्चों को जरूर मिलें.

पुरातन विद्यार्थियों के अनुभवों से वर्तमान विद्यार्थियों को लाभान्वित करने की जरूरत पर जोर देते हुए सीएम ने प्राचार्यों को विद्यालय में पुरातन विद्यार्थी परिषद का गठन करने का परामर्श दिया. मुख्यमंत्री से बात करते हुए अभिभावकों ने अपने पाल्यों की मेहनत की कहानी भी बताई. एक मेधावी की माता जी ने बेटे के हिंदी में 100 अंक प्राप्त करने की खुशी साझा की तो कई अन्य अभिभावकों ने बच्चों के पठन-पाठन की अवधि की जानकारी दी.


राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए

राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए

उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ और रामपुर लोक सभा सीटों के उपचुनाव में सपा की हार के बाद पार्टी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न उठाए हैं. 2012 में अखिलेश यादव किस तरह से सीएम बने थे, इस बारे में भी विस्तार से बताया. राजभर ने बुधवार को जिले के रसड़ा में पार्टी के प्रधान कार्यालय पर संवाददाताओं से वार्ता में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बोला कि वह अपने दम पर नहीं बल्कि अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कृपा से सीएम बने थे. साल 2012 का विधानसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में हुआ था मगर ताज अखिलेश के सिर सजा.

उन्होंने अखिलेश की नेतृत्व क्षमता पर प्रश्न खड़े करते हुए कहा, अखिलेश यादव के नेतृत्व में साल 2014, 2017, 2019 और 2022 में लोकसभा और विधानसभा के जो भी चुनाव हुए, सभी में समाजवादी पार्टी पराजित हुई. उपचुनाव और विधान परिषद के चुनाव में भी समाजवादी पार्टी हारी है. अखिलेश यादव स्वयं साफ करें कि अभी तक एक भी चुनाव में उन्हें जीत क्यों नहीं हासिल हुई. राजभर ने अखिलेश यादव को वातानुकूलित कमरों से निकलकर क्षेत्र में काम करने की राय देते हुए पूछा, अखिलेश यादव बताएं कि उन्होंने अभी तक धरातल पर क्या कार्य किया है. उन्होंने अभी तक कितने गांवों में बैठक की है. हाल के लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने स्वयं अपने पैर में कुल्हाड़ी मार ली. जिस पार्टी का मुखिया चुनाव प्रचार में नहीं जायेगा, वह पार्टी क्या चुनाव लड़ेगी? 

वर्ष 2024 में बीजेपी द्वारा यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटें जीतने की आसार संबंधी सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे के बारे में पूछे जाने पर राजभर ने बोला कि विपक्षी दलों के नेताओं के रवैये में परिवर्तन नहीं आया तो बीजेपी यूपी में सभी 80 सीट जीत सकती है. उन्होंने इसके साथ ही बोला कि यूपी में संविधान और आरक्षण की रक्षा तथा पिछड़े वर्ग और दलितों के भलाई में बसपा, समाजवादी पार्टी तथा अन्य सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए. राजभर ने एक प्रश्न पर राय देते हुए बोला कि अखिलेश यादव को यूपी में 2024 में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव में 80 सीट में से 60 सीट पर स्वयं और 20 सीट पर सहयोगी दलों को चुनाव लड़ाना चाहिए.