लापता बेटे की तस्वीर लिए थानों के चक्कर काट रहा बेबस पिता

लापता बेटे की तस्वीर लिए थानों के चक्कर काट रहा बेबस पिता

कानपुर हाथों में कम्पलेन पत्रों की फाइल और लापता बेटे की तस्वीर लिए एक शख्स लगातार ही एसपी और मु्ख्य विकास अधिकारी के ऑफिस चक्कर काट रहा है उसकी आंखों में बार-बार आंसू आ रहे हैं वह बार-बार अपने आंसू पोंछता और कांपती आवाज़ में अपने बेटे की तलाश में सहायता की गुहार लगा रहा है

दरअसल हुआ यूं कि भोगनीपुर तहसील क्षेत्र का रहने वाला पवन सविता कानपुर देहात की मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडे का निजी ड्राइवर था वह लंबे समय से मुख्य विकास अधिकारी के पारिवारिक जनों के लिए और मुख्य विकास अधिकारी के पर्सनल आने जाने पर वह वाहन से ले जाता था बीती 24 जून को सुबह 11:00 बजे से चालक पवन अचानक गायब हो गया

पवन के पिता बड़काउ सविता जब काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उसके पिता ने उसे कॉल किया हालांकि उसका टेलीफोन भी स्विच ऑफ आया ऐसे में घबराए पिता सीधे पुलिस चौकी पहुंचे और बेटे की गुमशुदगी की कम्पलेन दी पुलिस ने बात तो सुनी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वह मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडे का निजी ड्राइवर है, तो मामला वहीं से ठंडा हो गया

ऐसे में अपने बेटे की तलाश में पिता ने कोतवाली जाना मुनासिब समझा हालांकि भोगनीपुर कोतवाली पहुंचे पिता को वहां से भी टरका दिया गया इसके बाद क्षेत्राधिकारी कार्यालय और फिर पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचकर बेबस पिता ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने और मुद्दे में कार्रवाई की मांग की पवन के पिता के मुताबिक, वहां उनसे पहले मुख्य विकास अधिकारी से मिलने के लिए बोला गया इसके बाद वह मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां भी सोम्या पांडे से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी

अब में यह बेबस पिता अपने बेटे की तलाश के लिए पिछले 6 दिनों रोज एसपी ऑफिस और मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय के चक्कर ही काट रहा है, लेकिन अब उसे मायूसी ही नसीब हुई वहीं इस पूरे मुद्दे पर जब News18 ने मुख्य विकास अधिकारी से बात करने के लिए प्रयास की तो ना तो उनका टेलीफोन उठा और ना ही उन्होंने मिलने का समय दिया वहीं पुलिस भी इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है जाहिर है ऐसे हालात में आखिर यह बेबस पिता मीडिया के सामने रो-रोकर अपना दुखड़ा बयान कर रहा है पिता ने यहां तक बोला कि 4 दिनों से उनके घर पर चूल्हा भी नहीं जल रहा है और बेटे की आस में मां-बाप जिंदा हैं