मौसम ने करवट लेकर कुशीनगर जिले में लोगो को उमस भरी गर्मी से मिली निजात

मौसम ने करवट लेकर कुशीनगर जिले में लोगो को उमस भरी गर्मी से मिली निजात

उमस भरी गर्मी में बेहाल कर रहे मौसम के तापमान में पिछले दो दिनों से गिरावट दर्ज की गई है. मौसम ने करवट लेकर कुशीनगर जिले में लोगो को उमस भरी गर्मी से निजात दिया है. मानसून की दस्तक के साथ बुधवार की भोर से प्रारम्भ हुई झमाझम बारिश से किसानों ने भी राहत की सांस ली हैं.

जिले में कई दिनों से लगातार तेज धूप के साथ गर्मी से लोग बेहाल हो गए थे. दोपहर के समय तो लोग घरों से निकलने में सोचते थे. बीते 17 जून से ही जिले में मानसून के दस्तक का पूर्वानुमान किया गया. लेकिन बारिश का न होना आम लोगो के साथ किसानों को निराश किया. एक तरफ जिले भर की सुखी नहरे धान की रोपाई में किसानों के जेबो पर आर्थिक बोझ बढ़ाये हुए थी, तो वही कड़ाके की धुप के कारण फसलो में अधिक पानी लगानी पड़ रही थी. बुधवार की भोर में जिले भर में प्रारम्भ हुई बारिश ने मौसम को ही खुशनुमा कर दिया.

बारिश होने से खेत में पानी लग गया, जिससे किसान ट्रैक्टर लेकर अपनी फसल लगाने की तैयारी में जुट गए हैं.

तामपान में आई भारी गिरावट
मानसून के बने रहने की बात करे तो आज से तीन दिन तक 27℃ से 24℃ तक तापमान रहेगा. बारिश के आसार दो दिन बेहतर हैं वही मौसम में आद्रता(नमी) की बात करे तो लगभग 90%रहेगी. हवाओ की रफ्तार 19km/घण्टे के आसपास बनी रहेगी. इसी तरह का मौसम इस पूरे हफ्ते में बने रहने की आशा है.

झमाझम बारिश से खोतों के चारों तरफ पानी जमा हो जाएगा जिससे किसान भाइयों को खेती करने में सरलता होगी.

किसानों का डीजल खर्च बच गया
बारिश के कारण मौसम ठंडा रहेगा. मानसून के दस्तक से किसान काफी खुश हैं. किसान नेता रामचंद्र सिंह कहते है कि खेतों में पम्पिंगसेट के डीजल खर्च बच गया और सभी तरफ के खेतों में पानी हो जाने से धान की रोपाई सरलता से हो जायेगी.

धान की बुआई के लिए खेत में पानी लगाया जा रहा था लेकिन बारिश होने से वो किसानों की वो कठिनाई दूर हो गई.

खेतों में पानी लगाने की नहीं रहेगी चिंता
फसल में मौसम ठंड़ा होने से पानी भी नहीं लगानी होगी और फसल सूखेगा भी नहीं. किसानों के लिए जिले में नहरों का जाल बिछा है. लेकिन सिचाई विभाग की ढिलाई से नहरे आवश्यकता के समय सुखी थी. लेकिन अब किसानों को पानी मिलने लगा तो नहरों में भी पानी आना प्रारम्भ हो जाएगा.