UP में लाल टोपी पर सियासत, PM मोदी के बयान पर अखिलेश का पलटवार- हनुमान जी का रंग लाल

UP में लाल टोपी पर सियासत, PM मोदी के बयान पर अखिलेश का पलटवार- हनुमान जी का रंग लाल

लखनऊ. यूपी चुनाव में जिन्ना के बाद अब हनुमान जी की भी इंट्री हो चुकी है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने हनुमान जी का जिक्र किया.

अखिलेश ने पीएम मोदी के लाल टोपी को खतरे की घंटी बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लाल रंग तो हनुमान जी का है. लाल रंग तो रिश्तों का है लेकिन शायद भारतीय जनता पार्टी रिश्ते नहीं समझती है. इससे पहले अखिलेश मंगलवार को ट्वीट करके भी इस बयान पर तंज कस चुके हैं.

संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए इस बयान पर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लाल टोपी और लाल रंग के बारे में इससे पहले मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) बोल चुके हैं. लाल रंग भावनाओं का है. हर जीवन में लाल रंग है. जीवन तभी है जब उसमें लाल रंग है. लाल रंग क्रांति व बदलाव का रंग भी है. सुंदरता को बढ़ाने वाला रंग है लाल. ये रंग तो देवी देवताओं और हनुमान जी का रंग लाल है. शायद भाजपा भावनाओं को नहीं समझती है.

लाल टोपी भाजपा को करेगी सत्ता से बाहर

इससे पहले मंगलवार को अखिलेश यादव ने पीएम नरेंद्र के गोरखपुर में बयान देने के बाद ही बिना देर किए इस पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया था. अखिलेश ने ट्वीट में लिखा कि भाजपा के लिए रेड अलर्ट है महंगाई का, महंगाई का, बेरोजगारी-बेकारी का, किसान-मजदूर की बदहाली का, हाथरस, लखीमपुर, महिला व युवा उत्पीड़न का, बर्बाद शिक्षा, व्यापार व स्वास्थ्य का और 'लाल टोपी' का क्योंकि वो ही इस बार भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। लाल का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा.

लाल टोपी वालों को सत्ता लालबत्ती के लिए चाहिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर में खाद कारखाने का उद्घाटन करने मंगलवार को पहुंचे थे. इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए जमकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि लाल टोरी वाले यूपी के लिए खतरे की घंटी हैं. लाल टोपी वालों को स्ता लालबत्ती के लिए चाहिए. उन्हें भ्रष्टाचार कर अपनी तिजोरियां भरनी हैं, ये यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं. लाल टोपी वालों को सत्ता लोगों के विकास के लिए नहीं बल्कि अवैध कब्जे, माफियाओं को छुड़ाने के लिए चाहिए. इस दौरान पीएम मोदी ने केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.

Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

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मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।