CM योगी नई दिल्ली से लखनऊ लौटे, अगले हफ्ते हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार

CM योगी नई दिल्ली से लखनऊ लौटे, अगले हफ्ते हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप के साथ नई दिल्ली में गुरुवार रात की बैठक के बाद अब उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही मनोनीत विधान परिषद सदस्यों के नाम भी फाइनल हो गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वापस लखनऊ लौटे हैं। वह एयरपोर्ट से सीधा संजय गांधी पीजीआइ गए और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के स्वास्थ्य की प्रगति पूछी। अब वह अगले हफ्ते होने वाले अपने मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी में लगेंगे। माना जा रहा है कि भाजपा के साथ ही साथ सहयोगी दल के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को टोक्टो ओलिंपिंक के पदक विजेता के साथ ही भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को भव्य समारोह में सम्मानित करने के बाद नई दिल्ली निकल गए। वहां पर रात को उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ लम्बी बैठक की। इस बैठक में चार मनोनीत विधान परिषद सदस्यों के नामों पर भी सहमति बनी और साथ ही उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर भी मुहर लगी। प्रदेश के मंत्रिपरिषद में फेरबदल तथा विस्तार अभी तक चार मनोनीत एमएलसी के नाम पर सहमति को लेकर रुका था। कल इनका नाम फाइनल होने के बाद विस्तार अगले हफ्ते है।


सीएम योगी आदित्यनाथ तथा स्वतंत्रदेव सिंह शुक्रवार को करीब दस बजे लखनऊ लौटे हैं। शाम तक सुनील बंसल की भी वापसी है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते किसी भी दिन मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा। प्रदेश सरकार में अभी मुख्यमंत्री योगी सहित कुल 53 मंत्री हैं। इनमें 23 कैबिनेट, नौ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 21 राज्यमंत्री हैं। अभी भी मानक के अनुसार साठ मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए सात और मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश है।


फेरबदल व विस्तार में जातीय समीकरण पर रहेगा जोर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उलट गिनती चालू है। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार तथा फेरबदल को लेकर सरकार और संगठन, दोनों ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की नीति-रणनीति पर काम कर रहे हैं। चर्चा यही है कि चार नए एमएलसी में से भी एक-दो को मंत्री बनाया जा सकता है। हर तरह से समीकरण पर विचार किया जा रहा है। जिस तरह से विधानमंडल सत्र स्थगित होते ही मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन दिल्ली पहुंचे, उससे ही संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया कि मानसून सत्र के लिए ही प्रक्रिया रुकी थी।


एमएलसी की दौड़ में शामिल नेता नड्डा व शाह से मिले

उत्तर प्रदेश के मनोनीत एमएलसी और मंत्री बनने की दौड़ में शामिल निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा. संजय निषाद की मुलाकात भी नड्डा और शाह से हाल ही में हुई है। इससे पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ ही ब्राह्मण और संगठन के संघर्षशील कार्यकर्ता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी भी मिले थे। एमएलसी के लिए तीन नाम तो तय हैं, योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में महिला मंत्री की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए संभावना है कि पार्टी एक मनोनयन में महिला के साथ ही दलित या पिछड़े का भी कोटा पूरा कर दे।


कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

अपने पूर्वजों का सम्मान ना करने वालों की कोई पहचान नहीं होती। यह बात सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वह पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित समारोह को वर्चुअल रूप में संबोधित कर रहे थे।

मेहरबान सिंह का पुरवा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह यादव व उनके बेटे मोहित यादव द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह कार्यक्रम में आएं लेकिन लखनऊ में जरूरी कार्य की वजह से नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने अपना जीवन समाज और देश के लिए जिया। वह आजादी के समय समाज के वंचित, दबे कुचले लोगों की आवाज थे। जब लोग 1970 से 1980 के कालखंड की बात करते हैं तो लोगों के लिए आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति का नाम सामने आता है जो चौधरी हरमोहन सिंह का है। उनका जीवन स्वयं या परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए था। वह समाज के लिए समर्पित व्यक्ति थे और ऐसे व्यक्ति का जीवन ही दूसरों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनता है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने चौधरी हरमोहन सिंह यादव अमर रहें के नारे के साथ अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि मोहित यादव उत्तर प्रदेश में भविष्य की राजनीति में जरूरी भूमिका का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां 14 प्रदेशों से यादव समाज के लोग आए हैं। जिस तरह से यह कार्यक्रम हो रहा है, उससे साफ है कि यह यादव परिवार अपने बुजुर्गों का सम्मान करना जानता है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग अपने बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते और बहुत से लोगों को यह सिर्फ चुनाव के मौके पर समझ में आता है। उन्होंने कहा कि आज का असली समाजवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। राम मनोहर लोहिया ने समाजवाद का जो सपना देखा था, उसमें गरीबों को राशन, आवास की सोच थी। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गरीबों को राशन और आवास मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम परिवार के रूप में लोगों को जोड़ते हैं बाजार के रूप में नहीं जहां सबकुछ बिकता है। उन्होंने समारोह में आए सभी यादव महासभा के पदाधिकारियों से जुड़ कर राष्ट्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यादव समाज की जो भी मांगें होंगी उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यह परिवार आज से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार हो गया है। अब इसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन की धरती पर उतरते हैं और वहां भारत माता की जय का नारा लगता है, यही तो चौधरी हरमोहन सिंह का सपना था। मोहित यादव की बढ़ाई करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें जरा भी अहंकार नहीं है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह ने कानपुर देहात में बन रहे मेडिकल कालेज का नाम अपने पिता चौधरी हरमोहन सिंह यादव के नाम पर करने की मांग की। इस पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से बात कर इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। चौधरी सुखराम सिंह यादव ने अपने भाषण की शुरुआत भाजपा की जगह सपा का संबोधन करते हुए की लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी गलती ठीक करते हुए कहा कि यह एक आदत सी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह सपा से राज्यसभा सदस्य हैं और जब तक मुलायम सिंह यादव चाहेंगे सपा में रहेंगे लेकिन बेटा मोहित बालिग है, उसका रुझान स्वतंत्र देव सिंह ने बदल दिया है। वह बालिग है और जहां चाहे वहां जाए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री उन्होंने अपने पूरे जीवन में नहीं देखा जिनका अपना कोई परिवार नहीं है लेकिन हर परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें अपने ऊपर अहंकार है। उन्हें नहीं मालूम की राजनीति कैसे बनाई या बिगाड़ी जाती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने जिसका साथ दिया उसे आगे बढ़ाया और जिससे नाराज हुआ उसे पीछे करने का भी काम किया। उन्होंने संजीत यादव हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और हर्ष यादव की हत्या के मामले में 10 लाख और मुआवजा देने की मांग की। कार्यक्रम में सांसद देवेंद्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, राज्यसभा में भाजपा के सचेतक डा. अशोक बाजपेई, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, विवेक द्विवेदी, सुनील बजाज, डा. बीना आर्या रहीं।