पानी का स्तर कम निवासियों को हो रही परेशानी

पानी का स्तर कम निवासियों को हो रही परेशानी

दिल्ली जल बोर्ड के आग्रह के बावजूद हरियाणा ने यमुना नदी में पूरा पानी छोड़ना प्रारम्भ नहीं किया. वजीराबाद बैराज में अभी भी पानी का स्तर करीब तीन फीट कम है

इस कारण दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल रहे हैं. नतीजतन नयी दिल्ली समेत दिल्ली के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र के निवासियों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा.
दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक हरियाणा से यमुना नदी में शुक्रवार को भी पर्याप्त पानी नहीं आया. शुक्रवार को वजीराबाद बैराज में पानी के सामान्य स्तर 674.50 फीट की तुलना में 671.80 फीट रह गया है. इस कारण बैराज से जुड़े वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र पूरी क्षमता से नहीं चल रहे हैं.
उधर इन तीनों संयंत्रों से जुड़े नयी दिल्ली, सिविल लाइन, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, समेत कई इलाकों में शुक्रवार को पेेयजल आपूर्ति काफी कम दबाव से हुई.


व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहा

व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहा

योगी गवर्नमेंट द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट से बुंदेलखंड वासियों को काफी निराशा महसूस हुई है यहां के व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहते हुए बोला कि गवर्नमेंट ने बुंदेलखंड की पूरी तरह से उपेक्षा की है बांदा का व्यापारी सड़क मार्ग से महानगरों इमेज आता है लेकिन महानगरों को जोड़ने वाली सड़क मार्ग बहुत ही खराब स्थिति में है जिसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानी होती है इस बजट में आम जनता के लिए कुछ भी नया नहीं है बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को छोड़ दे दो जो कि पहले से ही संचालित होने जा रहा था अन्य किसी जनहित के कार्यों में या किसी नए उद्योग धंधे में कोई भी विकास देखने को नहीं मिला.

पानी की परेशानी जस की तस

वहीं कांग्रेसी नेता राजेश दीक्षित का बोलना है कि इस बजट में किसानों श्रमिकों और युवाओं की घोर उपेक्षा की गई है. डबल इंजन की गवर्नमेंट होने के बाद भी जनपद में आज तक कोई भी उद्योग धंधा नहीं लगाया गया. आज भी यहां का विरोध गांव युवा महानगरों में मजदूरी करके अपना पेट पालना है पानी की परेशानी जस की तस बनी हुई है. स्वास्थ्य सेवाओं का भी हाल बेहाल है डबल इंजन की गवर्नमेंट भी मिलकर अच्छे दिन नहीं ला पाई कुल मिलाकर देखा जाए. तो योगी गवर्नमेंट के बजट पर बुंदेलखंड के बांदा में लोग खुश नहीं नजर आए.

बजट से व्यापारियों को थी उम्मीदें

वहीं बर्तन व्यापारी शीलू ने बोला इस बजट से बहुत आशा थी. पर कुछ नया नहीं हुआ जो पहले था वो आज है . बांदा के विकास के लिए न किसान के लिए कुछ खास नहीं किया आशा थी की यहां फैक्ट्री की सौगात देगे सड़को की सौगात मिलेगी पर कुछ नही हुआ.

वही किसान का ने बोला हम जो गवर्नमेंट से चाहा है वो नही मिल पाया बिजली फ्री पानी फ्री करना चाहिए पर आशा में खरे नहीं उतर सके है. मेरे समझ में गवर्नमेंट ने कोई खास बजट किसानों के लिए नही दिया है. खास कर बुंदेलखंड के किसान को देना चाहिए.