केंद्र की तरह योगी मंत्रिमंडल में भी जातीय-क्षेत्रीय संतुलन साधेगी सरकार

केंद्र की तरह योगी मंत्रिमंडल में भी जातीय-क्षेत्रीय संतुलन साधेगी सरकार

हाल ही में उत्तर प्रदेश के सात सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर सबका साथ, सबका विकास का संदेश दे चुकी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में भी लगभग यही दांव चलने जा रही है। योगी मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार के साथ सात नए मंत्रियों की जगह दिए जाने की संभावना है। लंबा मंथन इसी पर चला है कि इन चुनिंदा चेहरों से कैसे हर जाति-वर्ग व क्षेत्र का समायोजन कर विधानसभा चुनाव के लिए संतुलन और बेहतर किया जाए। हाईकमान से नामों पर सहमति लगभग बन चुकी है और अगले एक सप्ताह में कभी भी विस्तार संभावित है।

योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा तो कई माह से चल रही है, लेकिन पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की मुलाकात के बाद उन नामों पर सहमति बन गई थी, जिन्हें मंत्री बनाया जाना है। माना जा रहा था कि दिल्ली से वापसी के साथ ही इसकी घोषणा हो जाएगी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन की वजह से यह टल गया। तीन दिन का राजकीय शोक रहा। उसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के आगमन से राज्यपाल और मुख्यमंत्री की व्यस्तता बढ़ गई।


राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के उत्तर प्रदेश प्रवास का रविवार को अंतिम दिन है। सोमवार को जन्माष्टमी है। माना जा रहा है कि उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय है। इसके साथ ही चार एमएलसी भी मनोनीत कर दिए जाएंगे। वहीं, संभावित नामों को लेकर तमाम अटकलें चल रही हैं। दिल्ली में हाईकमान की बैठक में शामिल रहे निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को एमएलसी बनाकर मंत्रिमंडल में ले जाना तय माना जा रहा है।

 
इधर, शुक्रवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जितिन की सपरिवार मुलाकात ने इस संभावना को और मजबूत कर दिया है। इसके अलावा पार्टी सभी जाति-वर्गों को साथ जोड़ना चाहती है, इसलिए हर नाम पर उसी दृष्टकोण से विचार किया गया है। ब्राह्मण, निषाद, गुर्जर समाज के साथ गोंड, जाट व पटेल समाज को प्रतिनिधित्व देने की चर्चा है। किसानों के प्रभाव वाले पश्चिम पर भी पार्टी की नजर रहेगी। यही वजह है कि विधायकों में मेरठ के सोमेंद्र तोमर, गाजियाबाद के दादरी से तेजपाल गुर्जर, बागपत के सहेंद्र सिंह रमाला तो महिलाओं की भागीदारी के लिहाज से मोदीनगर की मंजू सिवाच, फतेहपुर से कृष्णा पासवान, गाजीपुर की संगीता बलवंत बिंद के अलावा पिपराइच के महेंद्र पाल सिंह सेंथवार और सोनभद्र के संजय गोंड दावेदारों में शामिल हैं।

 
उल्लेखनीय है कि अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत मंत्रिमंडल में 53 सदस्य हैं, जबकि कुल साठ बनाए जा सकते हैं। इस तरह सात नए मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश है। चूंकि चुनाव नजदीक है, इसलिए किसी समाज की नाराजगी से बचने के लिए मंत्रिमंडल से किसी भी वर्तमान मंत्री की छुट्टी किए जाने की संभावना न के बराबर है।


कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

अपने पूर्वजों का सम्मान ना करने वालों की कोई पहचान नहीं होती। यह बात सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वह पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित समारोह को वर्चुअल रूप में संबोधित कर रहे थे।

मेहरबान सिंह का पुरवा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह यादव व उनके बेटे मोहित यादव द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह कार्यक्रम में आएं लेकिन लखनऊ में जरूरी कार्य की वजह से नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने अपना जीवन समाज और देश के लिए जिया। वह आजादी के समय समाज के वंचित, दबे कुचले लोगों की आवाज थे। जब लोग 1970 से 1980 के कालखंड की बात करते हैं तो लोगों के लिए आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति का नाम सामने आता है जो चौधरी हरमोहन सिंह का है। उनका जीवन स्वयं या परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए था। वह समाज के लिए समर्पित व्यक्ति थे और ऐसे व्यक्ति का जीवन ही दूसरों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनता है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने चौधरी हरमोहन सिंह यादव अमर रहें के नारे के साथ अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि मोहित यादव उत्तर प्रदेश में भविष्य की राजनीति में जरूरी भूमिका का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां 14 प्रदेशों से यादव समाज के लोग आए हैं। जिस तरह से यह कार्यक्रम हो रहा है, उससे साफ है कि यह यादव परिवार अपने बुजुर्गों का सम्मान करना जानता है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग अपने बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते और बहुत से लोगों को यह सिर्फ चुनाव के मौके पर समझ में आता है। उन्होंने कहा कि आज का असली समाजवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। राम मनोहर लोहिया ने समाजवाद का जो सपना देखा था, उसमें गरीबों को राशन, आवास की सोच थी। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गरीबों को राशन और आवास मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम परिवार के रूप में लोगों को जोड़ते हैं बाजार के रूप में नहीं जहां सबकुछ बिकता है। उन्होंने समारोह में आए सभी यादव महासभा के पदाधिकारियों से जुड़ कर राष्ट्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यादव समाज की जो भी मांगें होंगी उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यह परिवार आज से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार हो गया है। अब इसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन की धरती पर उतरते हैं और वहां भारत माता की जय का नारा लगता है, यही तो चौधरी हरमोहन सिंह का सपना था। मोहित यादव की बढ़ाई करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें जरा भी अहंकार नहीं है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह ने कानपुर देहात में बन रहे मेडिकल कालेज का नाम अपने पिता चौधरी हरमोहन सिंह यादव के नाम पर करने की मांग की। इस पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से बात कर इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। चौधरी सुखराम सिंह यादव ने अपने भाषण की शुरुआत भाजपा की जगह सपा का संबोधन करते हुए की लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी गलती ठीक करते हुए कहा कि यह एक आदत सी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह सपा से राज्यसभा सदस्य हैं और जब तक मुलायम सिंह यादव चाहेंगे सपा में रहेंगे लेकिन बेटा मोहित बालिग है, उसका रुझान स्वतंत्र देव सिंह ने बदल दिया है। वह बालिग है और जहां चाहे वहां जाए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री उन्होंने अपने पूरे जीवन में नहीं देखा जिनका अपना कोई परिवार नहीं है लेकिन हर परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें अपने ऊपर अहंकार है। उन्हें नहीं मालूम की राजनीति कैसे बनाई या बिगाड़ी जाती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने जिसका साथ दिया उसे आगे बढ़ाया और जिससे नाराज हुआ उसे पीछे करने का भी काम किया। उन्होंने संजीत यादव हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और हर्ष यादव की हत्या के मामले में 10 लाख और मुआवजा देने की मांग की। कार्यक्रम में सांसद देवेंद्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, राज्यसभा में भाजपा के सचेतक डा. अशोक बाजपेई, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, विवेक द्विवेदी, सुनील बजाज, डा. बीना आर्या रहीं।