यूपी में बेसहारा महिलाओं को भी आर्थिक मदद देगी योगी सरकार, हर महीने मिलेंगे 2 हजार रुपये

यूपी में बेसहारा महिलाओं को भी आर्थिक मदद देगी योगी सरकार, हर महीने मिलेंगे 2 हजार रुपये

कोरोना महामारी और अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चों का सहारा बनने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब बेसहारा महिलाओं का भी सहारा बनने जा रही है। कोरोना काल में बेसहारा हुई महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। शीघ्र ही इसे योगी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत गरीब बेसहारा महिलाओं को सरकार दो हजार रुपये प्रति माह प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से निराश्रित हुई महिलाओं के लिए भी एक अलग योजना लाने की घोषणा की थी। उन्होंने महिला कल्याण विभाग से ऐसी महिलाओं की सूची बनाने के निर्देश दिए थे जो मार्च, 2020 के बाद निराश्रित हुई हैं। इन्हें योगी सरकार अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ देगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद महिला कल्याण विभाग ने इस नई योजना का खाका खींच लिया है। इस योजना में निराश्रित महिलाओं को दो हजार रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। साथ ही इन्हें राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। यदि किसी बुजुर्ग महिला के पास रहने की व्यवस्था नहीं होगी तो सरकार इसकी भी व्यवस्था कराएगी।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कोरोना के अलावा अन्य कारणों से भी अनाथ होने वाले बच्चों का सहारा बनेगी। इसके लिए सोमवार को कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत आर्थिक सहयोग प्रदान करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के अलावा अन्य कारणों से अपने माता-पिता दोनों या माता या पिता में से किसी एक या फिर अपने लीगल अभिभावक को खो दिया है, उन्हें 2500 रुपये प्रति माह की आर्थिक मदद दी जाएगी।


उत्तर प्रदेश सरकार अपने राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य में विभिन्न प्रकार कल्याणकारी कार्यक्रम महिला कल्याण, युवा कल्याण, कृषि कल्याण में चलाए जा रहे हैं। वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य के बच्चों, महिलाओं, श्रमिकों, किसानों और आर्थिक रूप से गरीब लोगों के लिए विभिन्न प्रकार की योजना का शुभारंभ किया है। इन विभिन्न योजनाओं के तहत यूपी में बेरोजगारों को रोजगार और आर्थिक रूप से गरीब लोगों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।


यूपी के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, चार अक्टूबर को हर जिले में लगेगा अप्रेंटिसशिप मेला

यूपी के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, चार अक्टूबर को हर जिले में लगेगा अप्रेंटिसशिप मेला

युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी देने की सरकार की मंशा के सापेक्ष एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आइटीआइ की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के कौशल को निखारने के लिए चार अक्टूबर को वृहद अप्रेंटिसशिप मेला लगेगा। लखनऊ समेत सूबे के सभी जिलों में लगने वाले मेले के माध्यम से एक दिन में दो लाख युवाओं को अप्रेंटिसशिप देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके आयोजन के लिए जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। संयुक्त निदेशक व्यावसायिक शिक्षा एससी तिवारी ने बताया कि लखनऊ समेत सूबे की सभी 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 2969 निजी संस्थानों के विद्यार्थियों को अप्रेंटिस के इस मेेले में शामिल करने की व्यवस्था करने के निदेश दिए गए हैं। कौशल विकास विभाग के जिला प्रबंधकों को भी इस वृहद मेले से जोड़ा जाएगा। 


औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयासः उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया ने बताया कि जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत उद्योगोें में आइटीआइ पास को अप्रेंटिस का मौका देकर उनके अंदर औद्योगिक समझ को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। लखनऊ में भी ऐसे युवाओं को औद्याेगिक क्षेत्रों में भेजकर प्रेक्टिकल करने का मौका दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रेंटिस के लिए युवा आने से कतरा रहे थे। अब सामान्य स्थिति होने पर आयोजन हो रहा है। लघु, सूक्ष्म, मध्यम व उद्यम प्रोत्साहन विभाग की ओर से एमएसएमई को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। 


निजी उद्योगों पर शिकंजाः सरकार ने सभी जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से संचालित निजी औद्योगिक इकाइयों को भी इसमे शामिल करने की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक निजी संस्थान अप्रेंटिस को लेकर मनमानी करते थे। एक दिन में वृहद मेला लगने से युवाओं को फायदा होगा और उनके अंदर तकनीक का विकास होगा।