होमगार्ड की मर्डर का खुलासा पुलिस के लिए बना चुनौती

होमगार्ड की मर्डर का खुलासा पुलिस के लिए बना चुनौती

कासगंज में होमगार्ड की मर्डर का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना था, लेकिन पुलिस को जब इस मुद्दे के खुलासे की राह मिली तो भौचक्की रह गई. क्योंकि होमगार्ड की मर्डर के पीछे एक लापता पुरुष की मर्डर का राज भी छिपा था. पहले दोस्त की बेटी से गैर कानूनी संबंधों के चलते होमगार्ड ने दोस्त के साथ मिलकर पुरुष की पत्थर से सिर कुचलकर मर्डर कर दी और मृत शरीर काली नदी में डाल दिया. इसके बाद पत्नी से होमगार्ड के गैर कानूनी संबंध होने और पुरुष की मर्डर का राजदार होने के कारण दोस्त ने पत्नी के साथ मिलकर होमगार्ड की मर्डर कर दी. पुलिस ने हत्यारोपी पति-पत्नी को अरैस्ट करके कारागार भेजा है

एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि पुरुष चांद मियां पुत्र रहीस अहमद पिछले साल चार जुलाई को अपने घर से लापता हुआ था. वह घर से ढिलावली जाने की कहकर गया था. उसकी गुमशुदगी 14 जुलाई को दर्ज हुई. पुलिस पुरुष के लापता होने की जांच कर रही थी. तभी पुलिस को कुछ जरूरी जानकारियां मिलीं. जिन पर पुलिस ने काम प्रारम्भ किया. एसपी ने बताया कि सूचना के आधार पर मर्डर के शिकार हुए होमगार्ड बुधसेन के दोस्त मदन लाल उर्फ पुत्तू लाल को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की. 

होमगार्ड ने ब्लैकमेल कर आरोपी की पत्नी से बनाए थे संबंध 

पुलिस पूछताछ में मदनलाल ने बताया कि पुरुष चांद मियां (20) पुत्र रहीस अहमद निवासी मोहल्ला मोहन की मर्डर चार जुलाई को कालीनदी के किनारे शराब पिलाकर व सिर पर पत्थर से प्रहार करके कर दी और मृत शरीर नदी में फेंक दिया. इस मर्डर को होमगार्ड बुधसेन के साथ मिलकर अंजाम दिया गया. बताया गया कि इस घटना के बाद से होमगार्ड बुधसेन दोस्त मदनलाल को ब्लैकमेल करता रहा और उसकी पत्नी से गैर कानूनी संबंध बना लिए. जब भी मदनलाल मना करता तो होमगार्ड चांद मियां की मर्डर की जानकारी अन्य लोगों को बताने की धमकी देता था. 

मदनलाल होमगार्ड बुधसेन की धमकियों और पत्नी से गैर कानूनी संबंधों को लेकर परेशान था. उसने होमगार्ड को ठिकाने लगाने की योजना बना ली. मदनलाल ने पिछले साल दो सितंबर को पत्नी के साथ मिलकर होमगार्ड बुधसेन की गोली मारकर मर्डर कर दी. एसपी ने बताया कि सीओ सिटी दीपकुमार पंत, सदर कोतवाली इंस्पेक्टर धीरेंद्र मोहन एवं इंस्पेक्टर सोरोंजी रमेश भारद्वाज की टीम ने इस पूरे मुद्दे का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को कारागार भेजा गया है. 


जानिए कितने लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किये योगी सरकार

जानिए कितने लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किये योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट गुरुवार को विधानसभा में योगी गवर्नमेंट 2.O ने पेश किया. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने करीब डेढ़ घंटे तक बजट भाषण पढ़ा तो इसमें से कई बड़ी घोषणाएं निकलीं. आइए आपको इस बजट का पूरा गणित बताते हैं कि गवर्नमेंट को कहां से कितनी आदमनी होगी और कहां कितना खर्च किया जाएगा. वित्त मंत्री ने बोला कि वित्त साल 2022-23 का बजट 6,15,518.97 लाख करोड़ रुपए का है. बजट में 39 हजार 181 करोड़ 10 लाख रुपए की नयी योजनाएं शामिल हैं.

कहां से कितना पैसा मिलेगा
वित्त मंत्री ने हिसाब-किताब पेश करते हुए बोला कि कुल प्राप्तियां 5 लाख 90 हजार 951 करोड़ 71 लाख रुपये अनुमानित है. कुल प्राप्तियों में 4 लाख 99 हजार 212 करोड़ 71 लाख रुपए राजस्व से आएंगे. 91 हजार 739 करोड़ रुपये की पूंजीगत प्राप्तियां सम्मिलित हैं. राजस्व प्राप्तियों में टैक्स रेवेन्यू का अंश 03 लाख 67 हजार 153 करोड़ 76 लाख रुपये है. इसमें स्वयं का टैक्स रेवेन्यू 02 लाख 20 हजार 655 करोड़ रुपहै, जबकि केंद्रीय करों में राज्य का अंश 01 लाख 46 हजार 498 करोड़ 76 लाख रुपए होने का अनुमान है. 

कितना होगा खर्च
वित्त मंत्री ने बोला कि वित्त साल में कुल व्यय 06 लाख 15 हजार 518 करोड़ 97 लाख रुपए अनुमानित है. कुल व्यय में  04 लाख 56  हजार 89 करोड़ 6 लाख रुपए राजस्व लेखे का व्यय है और 91 हजार 739 करोड़ रुपए पूंजी लेखे का व्यय है .

कितना घाटा 
वित्त मंत्री ने बताया कि समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के बाद 24 हजार 567 करोड़ 26 लाख रुपए का घाटा अनुमानित.

लोक लेखा
लोक लेखे से 6 हजार करोड़ रुपये (6000 करोड़ रुपये) की शुद्ध प्राप्तियां अनुमानित.

समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 
समस्त लेन-देन का शुद्ध रिज़ल्ट 18 हजार 567 करोड़ 26 लाख रुपये (18,567.26 करोड़ रुपये) ऋणात्मक अनुमानित. 

अन्तिम शेष
प्रारम्भिक शेष 40 हजार 550 करोड़ 03 लाख रुपए को हिसाब में लेते हुए आखिरी शेष 21 हजार 982 करोड़ 77 लाख रुपए अनुमानित.

राजस्व बचत 
राजस्व बचत 43 हजार 123 करोड़ 65 लाख रुपए अनुमानित है. 

राजकोषीय घाटा
राजकोषीय घाटा 81 हजार 177 करोड़ 97 लाख रुपए अनुमानित है जो साल के लिए अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.96 फीसदी है.