भाजपा की चुनावी रणनीति बनाने आएंगे डिप्टी सीएम, ये है रणनीति

भाजपा की चुनावी रणनीति बनाने आएंगे डिप्टी सीएम, ये है रणनीति

भाजपा चुनाव की तैयारी में सरगर्मियों से जुट गई है। 25 नवंबर को जेवर में पीएम मोदी की विशाल रैली है। इसके दूसरे ही दिन जिले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कार्यक्रम है। वह 26 नवंबर को अलीगढ़ आ रहे हैं। जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनाव संचालन समिति के सदस्यों के साथ बैठक करें। बैठक में अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। मंडल के चारों जिलों में चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे और चुनावी रणनीति भी बनाएंगे।


रैली से हो रही शुरूआत

भाजपा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रैली और सम्मेलनों की शुरुआत हो गई है। हालांकि, पार्टी ने अभी तूफानी चुनावी रैलियां तो नहीं घोषित की है, मगर लगातार कार्यक्रम चचुनाव में हम सभी को प्रभावी बनाएगा।ल रहे हैं। प्रदेश के चार स्थानों से रथयात्रा भी निकाले जाने की तैयारी हो चुकी है। चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 26 नवंबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आ रहे हैं। वो आगरा से सड़क मार्ग से होते हुए पूर्वाहृन 11 बजे अलीगढ़ पहुंचेंगे। आगरा रोड स्थित ग्रीन व्यू रिसोर्ट में बैठक करेंगे। इसमें चारों जिलों के जिला और विधानसभा चुनाव संचालन समिति के सदस्य होंगे। एक विधानसभा क्षेत्र में 17 के करीब संचालन समिति में सदस्य शामिल किए गए हैं। जिले में भी 17 के करीब संचालन समिति के सदस्य होंगे। करीब 17 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य चुनावी तैयारी की टोह भी ले सकते हैं। साथ ही चुनाव में किन बातों का ध्यान रखना है? किसानों के बीच कैसे पैठ बनानी है? केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना इसके बारे में भी जानकारी दे सकते हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष डा. विवेक सारस्वत ने बताया कि बैठक की तैयारी पूरी कर ली गई है। डिप्टी सीएम का भव्य स्वागत किया जाएगा। चुनाव के निकट उनका पाथेय हम सभी को ऊर्जा से भरने वाला होगा।


जब रिक्शे पर बैठकर स्टेशन से आ गए थे जनरल बिपिन रावत... गोरखा रेजीमेंट के पुराने दोस्त ने सुनाया किस्सा

जब रिक्शे पर बैठकर स्टेशन से आ गए थे जनरल बिपिन रावत... गोरखा रेजीमेंट के पुराने दोस्त ने सुनाया किस्सा

जनरल बिपिन रावत शुरू से ही नंबर वन थे। उनके साथ गोरखा रेजीमेंट में लंबे समय तक रहे कर्नल गोपाल कृष्ण चतुर्वेदी बेहद करीबी मित्रों में से हैं। हमेशा जनरल बिपिन रावत उनके संपर्क में रहे। बुधवार की शाम अपने करीबी मित्र के निधन की खबर ने उनको भीतर तक हिला दिया। आंखें भर आईं। पत्नी के साथ कर्नल गोपाल चतुर्वेदी अब मित्र जनरल बिपिन रावत की अंत्येष्टि में जाने की तैयारी कर रहे थे।

गोमतीनगर में रहने वाले कर्नल चतुर्वेदी ने बताया कि फौजी होते हुए भी जनरल रावत शांत स्वभाव के थे। सेना में एक संत जैसा अफसर, जिसे बाकी दुनिया से मानो कोई मतलब नहीं था। 1978 में कमीशन हुए तो दोनों एक ही कॉलेज 5/11 डोगरा पल्टन में साथ थे। साथ ही कई ऑपरेशन में शामिल हुए। सहज इतने कि बड़े अफसर बनने के बावजूद भी कभी लावलश्कर और सैन्य सुविधाओं की परवाह नहीं करते थे।

एक दिन उन्होंने देखा कि बाहर से आने के बाद स्टेशन से रिक्शा लेकर रेसकोर्स के बगल में स्थित 11 गोरखा रेजिमेंट चले आए, जबकि वह पूर्व सूचना दे देते तो उनको लेने सेना की गाड़ी और पेट्रोलिंग काफिला जाता। सेना में जब से आए शीर्ष पर रहे। लखनऊ में 11 गोरखा रायफल में दोनों साथ थे। कर्नल चतुर्वेदी ने बताया कि एक बार एक पुस्तक पर जनरल बिपिन रावत काम कर रहे थे। ऐसे में बिना गाड़ी लिए पत्नी की मोपेड लेकर प्रिंटिंग प्रेस चले जाते थे। पास आउट परेड में ही नंबर वन कैडेट थे। कोविड आया तो अपनी सैलरी से लगातार दान देते रहे। 

लखनऊ से रहा उनका जुड़ाव

गोरखा बटालियन के जवानों से मिलने जनरल बिपिन रावत अक्सर लखनऊ आते रहे। जनरल रावत ने ही मध्य कमान मुख्यालय को मजबूती देने के लिए सेंट्रल थिएटर कमांड बनाने का खाका तैयार किया। उन्होंने एशिया की सबसे बड़ी मेडिकल एक्सरसाइज मार्च 2019 में लखनऊ में करायी। खुद इसका नेतृत्व किया। 

भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष बनने के बाद जनरल बिपिन रावत लखनऊ स्थित 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट बन गए थे। यहां रेजीमेंटल सेंटर की स्थापना की हीरक जयंती समारोह और पुनर्मिलन समारोह में जनरल बिपिन रावत शामिल हुए। देश के पहले सीडीएस बनने के बाद उन्होंने 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट का पद छोड़ दिया। 

जनरल बिपिन रावत सेनाध्यक्ष बनने के बाद नौ अप्रैल 2018 को लखनऊ आए। यहां चीन की चुनौतियों से निपटने के लिए मध्य कमान मुख्यालय में ही वार गेम कांफ्रेंस में हिस्सा लिया था। इस कांफ्रेंस में पूर्वोत्तर राज्यों में चीन और कश्मीर की सुरक्षा का एक मास्टर प्लान बनाया गया। इसकी समीक्षा करने सेनाध्यक्ष जनरल रावत एक बार फिर से 25 व 26 मई 2018 को लखनऊ आए।