तीन मंजिला इमारत धधकी

तीन मंजिला इमारत धधकी

नयी दिल्ली. मुंडका क्षेत्र में शुक्रवार शाम तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भयंकर आग लग गई. आग की चपेट में आने से स्त्री समेत 26 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि कई झुलस गए. झुलसे लोगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर संजय गांधी हॉस्पिटल भेजा गया. दमकल की 30 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हुई हैं. पुलिसकर्मी भी बचाव कार्य कर रहे हैं. इमारत में कई लोगों के फंसे होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि देर रात तक दमकल और पुलिसवालों ने मिलकर 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था. डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर सुनील चौधरी के अनुसार घटनास्थल से अभी तक 26 मृत शरीर मिले हैं. ऑफिसरों का बोलना है कि आग बुझाने के बाद सर्च अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद ही आग से हुए हानि और उसके कारणों का पता लगाया जा सकेगा


शुक्रवार शाम करीब 4:45 बजे को इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे. क्षेत्रीय लोगों की सहायता से फौरन राहत और बचाव का काम प्रारम्भ कर दिया गया. दमकल कर्मियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर रस्सी की सहायता से 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. पुलिस ऑफिसरों ने बताया कि शुरुआती जांच में इमारत की पहली मंजिल में पहले आग लगने की बात सामने आई है. पहले माले पर सीसीटीवी कैमरों और राउटर निर्माण कंपनी का कार्यालय हैं. तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में कई कंपनियों के कार्यालय हैं. आग लगने के दौरान इन कार्यालयों में बड़ी तादाद में कर्मचारी उपस्थित थे. कुछ ने आग लगते ही वहां से भागने की प्रयास की लेकिन ज्यादातर आग में फंस गए. पहली मंजिल से प्रारम्भ हुई आग देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई.
आग लगते ही मची अफरातफरी
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पहली मंजिल में आग लगते ही अफरातफरी मच गई. इमारत में फंसे लोग बाहर निकलने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे. क्षेत्रीय लोग जनरेटर से आग लगने की बात कह रहे हैं. उन्होंने बताया कि धुएं की वजह से लोग कुछ देख नहीं पा रहे थे. कुछ लोगों ने इमारत से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई. आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के सैकड़ों लोग वहां पहुंच गए. लोगों के जुटने से वहां जाम लग गया. वहां पहुंचने वाले कुछ ऐसे भी लोग थे जिनके अपने इमारत में खुले कार्यालयों में काम करते थे. वह अपने परिचितों से फोन कर उनका हालचाल जानने की प्रयास कर रहे थे, जानकारी नहीं मिलने पर वह पुलिस के पास पहुंच रहे थे. बाद में पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर हटाया और राहत कार्य में जुट गए.
कई लापता, इमारत में चल रही थी बैठक
पुलिस की जांच में पता चला है कि हादसे के समय तीसरी मंजिल पर एक कंपनी की बैठक चल रही थी. बैठक में काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. पुलिस ने कंपनी के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि आग लगने के बाद कुछ लोग वहां फंस गए थे. बैठक में शामिल कुछ लोग अभी भी लापता हैं. दमकल विभाग आग बुझाने के बाद सर्च ऑपरेशन प्रारम्भ करेगी. फिलहाल दमकल विभाग आग पर काबू पाने में जुटी है.
मेट्रो संचालन भी हुआ प्रभावित
यह इमारत रोहतक रोड के किनारे ही स्थित है. ऐसे में आग की लपटें ऊपर उठने के दौरान मेट्रो का परिचालन भी कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो गया. बाद में आग को नियंत्रित करने के बाद परिचालन फिर से प्रारम्भ किया गया.


व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहा

व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहा

योगी गवर्नमेंट द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट से बुंदेलखंड वासियों को काफी निराशा महसूस हुई है यहां के व्यापारियों ने इस बजट को निराशाजनक कहते हुए बोला कि गवर्नमेंट ने बुंदेलखंड की पूरी तरह से उपेक्षा की है बांदा का व्यापारी सड़क मार्ग से महानगरों इमेज आता है लेकिन महानगरों को जोड़ने वाली सड़क मार्ग बहुत ही खराब स्थिति में है जिसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानी होती है इस बजट में आम जनता के लिए कुछ भी नया नहीं है बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को छोड़ दे दो जो कि पहले से ही संचालित होने जा रहा था अन्य किसी जनहित के कार्यों में या किसी नए उद्योग धंधे में कोई भी विकास देखने को नहीं मिला.

पानी की परेशानी जस की तस

वहीं कांग्रेसी नेता राजेश दीक्षित का बोलना है कि इस बजट में किसानों श्रमिकों और युवाओं की घोर उपेक्षा की गई है. डबल इंजन की गवर्नमेंट होने के बाद भी जनपद में आज तक कोई भी उद्योग धंधा नहीं लगाया गया. आज भी यहां का विरोध गांव युवा महानगरों में मजदूरी करके अपना पेट पालना है पानी की परेशानी जस की तस बनी हुई है. स्वास्थ्य सेवाओं का भी हाल बेहाल है डबल इंजन की गवर्नमेंट भी मिलकर अच्छे दिन नहीं ला पाई कुल मिलाकर देखा जाए. तो योगी गवर्नमेंट के बजट पर बुंदेलखंड के बांदा में लोग खुश नहीं नजर आए.

बजट से व्यापारियों को थी उम्मीदें

वहीं बर्तन व्यापारी शीलू ने बोला इस बजट से बहुत आशा थी. पर कुछ नया नहीं हुआ जो पहले था वो आज है . बांदा के विकास के लिए न किसान के लिए कुछ खास नहीं किया आशा थी की यहां फैक्ट्री की सौगात देगे सड़को की सौगात मिलेगी पर कुछ नही हुआ.

वही किसान का ने बोला हम जो गवर्नमेंट से चाहा है वो नही मिल पाया बिजली फ्री पानी फ्री करना चाहिए पर आशा में खरे नहीं उतर सके है. मेरे समझ में गवर्नमेंट ने कोई खास बजट किसानों के लिए नही दिया है. खास कर बुंदेलखंड के किसान को देना चाहिए.