यूपी: कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़ों में गड़बड़ी, मौत के बाद भी दो महिलाओं को लग गई दूसरी डोज

यूपी: कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़ों में गड़बड़ी, मौत के बाद भी दो महिलाओं को लग गई दूसरी डोज

कानपुर के हरबंस मोहाल की रहने वाली मुन्नी देवी अवस्थी (85) के निधन के 218 दिन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा दी। इसके साथ ही कोरोना वैक्सीनेशन पूरा होने का सर्टिफिकेट भी दे दिया। 

इसी तरह शशि प्रभा गुप्ता को भी आठ दिसंबर को दूसरी डोज लगा दी गई है। उनकी मौत छह महीने पहले हो चुकी है। कोरोना वैक्सीनेशन कवरेज के आंकड़े बढ़ाने में यह गड़बड़ी की जा रही है। 

इसके पहले भी कई लोग शिकायत कर चुके हैं। बिना वैक्सीन लगवाए ही सर्टिफिकेट आ गया। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने दोनों डोज लगवा ली और सर्टिफिकेट के लिए परेशान घूम रहे हैं।

संजय अवस्थी ने बताया कि उनकी माताजी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज चार मार्च को उर्सला में लगी थी। तीन मई को उनका देहांत हो गया। वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लग पाई। 

सात दिसंबर को अचानक उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि मुन्नी देवी अवस्थी को कमाल खां के हाता सेंटर पर वैक्सीन लग गई है। इसके साथ ही पूर्ण वैक्सीनेशन से संबंधित सर्टिफिकेट भी भेज दिया गया। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने बताया कि एक-दो गड़बड़ी की ऐसी शिकायतें आ रही हैं।

Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

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मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।