UP: अब रात 11 बजे तक खुल सकती हैं दुकानें व बाज़ार, जारी हुआ आदेश

UP: अब रात 11 बजे तक खुल सकती हैं दुकानें व बाज़ार, जारी हुआ आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए बाजारों व दुकानों को रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। रात्रिकालीन कर्फ्यू रात्रि 11 बजे से प्रातः 06 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टीम-9 के साथ मंगलवार को प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा के बाद जारी किए गए।

आदेश में कहा गया है कि कई राज्यों में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है। लोग अनावश्यक सड़कों पर न घूमें। कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाना बहुत जरूरी है।

टीम-9 के साथ कोविड की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप टीकाकरण के लिए अर्ह लोगों में से 45 फीसदी प्रदेशवासियों ने टीके की पहली खुराक प्राप्त कर ली है। विगत दिवस प्रदेश ने दो नए रिकॉर्ड बनाये।

विगत 24 घंटे में 33 लाख 42 हजार 360 लोगों ने टीकाकवर प्राप्त किया। यह किसी भी राज्य में एक दिन में हुआ सर्वाधिक कोविड टीकाकरण है। इसके साथ ही प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन 8 करोड़ 8 लाख से अधिक हो गया है।

यह किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है। इस प्रक्रिया को और तेज किए जाने की आवश्यकता है। टीके की उपलब्धता के लिए भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के बीच जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है।

आज प्रदेश के 28 जनपदों (अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, बहराइच, भदोही, बिजनौर, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कौशाम्बी, ललितपुर, महोबा, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, शामली, सीतापुर, सोनभद्र) में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है।

यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 से भी कम हो गया है और रिकवरी दर 98.7 फीसदी है।

प्रदेश में विगत 24 घंटे में हुई 01 लाख 82 हजार 624 सैम्पल की टेस्टिंग में 59 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 16 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए।

वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 227 रह गई है। यह सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ाने का कारक बन सकती है।

ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट के मंत्र से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। अब तक 07 करोड़ 38 लाख 21 हजार 487 कोविड सैंपल की जांच की जा चुकी है। विगत 24 घंटे में हुई टेस्टिंग में 22 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 20 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए।

प्रदेश में अब तक 16 लाख 86 हजार 389 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। इस स्थिति को और बेहतर करने के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अनुरूप सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा के साथ-साथ सभी जिलों में डेगूं व अन्य वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं।

सर्विलांस को और बेहतर किए जाने की जरूरत है। मेडिसिन किट वितरण प्रारम्भ कर दिया जाए। शिकोहाबाद में 100 बेड का अस्पताल तैयार हो गया है। यह आसपास के लोगों के लिए उपयोगी होगा।

अस्पतालों में अतिरिक्त बेड, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां, जांच उपकरण आदि की व्यवस्था की गई है। आवश्यकतानुसार इसमें और बढ़ोतरी की जाए।

संक्रमण प्रसार को न्यूनतम रखने के दृष्टिगत अस्पतालों के ओपीडी व आईपीडी में अनावश्यक लोगों को प्रवेश न दें। मरीज के परिजनों को समय-समय पर सेहत की अपडेट दी जाए। सीएम हेल्पलाइन द्वारा भी मरीजों/परिजनों से संपर्क किया जाए।

राज्य सरकार सभी 75 जिलों में न्यूनतम एक-एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संकल्पित है। सतत नियोजित प्रयासों से प्रदेश के 59 जनपदों में न्यूनतम एक मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हो रहे हैं।

शेष 16 जनपदों के लिए पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में शासकीय नीति तैयार हो गई है। इस दिशा में अन्य औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जाए।

टोक्यो पैरालम्पिक में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने शानदार प्रदर्शन कर देश को गौरवभूषित किया है। यह उपलब्धि विशिष्ट है। प्रदेश के पदक विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों का सार्वजनिक अभिनन्दन किया जाना चाहिए।

इस कार्यक्रम में सभी 75 जनपदों से दिव्यांग खेल प्रतिभाओं को आमंत्रित किया जाए। यह उनके लिए प्रेरणादायी सिद्ध होगा। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना अभियान स्वरूप में की जा रही है। जिला प्रशासन इन प्लांट्स के स्थापना कार्य की सतत मॉनीटरिंग करे।

इन प्लांट्स के संचालन के लिए आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं को  जिम्मेदारी दी गई है। स्थानीय स्तर पर पैरामेडिक्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण कराया जाए।

प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. गोविंद वल्लभ पंत जी की जयंती 10 सितंबर को मनाई जाएगी। सभी जनपदों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इस संबंध में आवश्यक तैयारी पूरी कर ली जाए।


यूपी के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, चार अक्टूबर को हर जिले में लगेगा अप्रेंटिसशिप मेला

यूपी के युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा मौका, चार अक्टूबर को हर जिले में लगेगा अप्रेंटिसशिप मेला

युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी देने की सरकार की मंशा के सापेक्ष एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आइटीआइ की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के कौशल को निखारने के लिए चार अक्टूबर को वृहद अप्रेंटिसशिप मेला लगेगा। लखनऊ समेत सूबे के सभी जिलों में लगने वाले मेले के माध्यम से एक दिन में दो लाख युवाओं को अप्रेंटिसशिप देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके आयोजन के लिए जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। संयुक्त निदेशक व्यावसायिक शिक्षा एससी तिवारी ने बताया कि लखनऊ समेत सूबे की सभी 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और 2969 निजी संस्थानों के विद्यार्थियों को अप्रेंटिस के इस मेेले में शामिल करने की व्यवस्था करने के निदेश दिए गए हैं। कौशल विकास विभाग के जिला प्रबंधकों को भी इस वृहद मेले से जोड़ा जाएगा। 


औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयासः उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया ने बताया कि जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत उद्योगोें में आइटीआइ पास को अप्रेंटिस का मौका देकर उनके अंदर औद्योगिक समझ को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। लखनऊ में भी ऐसे युवाओं को औद्याेगिक क्षेत्रों में भेजकर प्रेक्टिकल करने का मौका दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रेंटिस के लिए युवा आने से कतरा रहे थे। अब सामान्य स्थिति होने पर आयोजन हो रहा है। लघु, सूक्ष्म, मध्यम व उद्यम प्रोत्साहन विभाग की ओर से एमएसएमई को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। 


निजी उद्योगों पर शिकंजाः सरकार ने सभी जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से संचालित निजी औद्योगिक इकाइयों को भी इसमे शामिल करने की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक निजी संस्थान अप्रेंटिस को लेकर मनमानी करते थे। एक दिन में वृहद मेला लगने से युवाओं को फायदा होगा और उनके अंदर तकनीक का विकास होगा।