आयुर्वेद डाक्टरों की भर्ती को लेकर पीएमओ ने निदेशक को भेजा पत्र

आयुर्वेद डाक्टरों की भर्ती को लेकर पीएमओ ने निदेशक को भेजा पत्र

उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के खाली पदों को भरने के मामले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आयुर्वेद निदेशालय को कार्यवाही करने को कहा है। देहरादून निवासी अजय कुमार ने इस संबंध में पीएमओ को पत्र भेजा था। प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के 253 पद रिक्त चल रहे हैं। वर्ष 2010 के बाद विभाग में चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। हालांकि, शासन स्तर पर इसकी कवायद चल तो रही है, लेकिन अभी मामला कार्मिक व आयुर्वेद विभाग के लंबित है।

अब पीएमओ ने भी इस ओर आयुर्वेद विभाग के निदेशक का ध्यान आकृष्ट किया है। दरअसल, देहरादून निवासी अजय कुमार ने पीएमओ को पत्र भेजकर प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा व सेवाओं का मसला उठाया था। पत्र में उन्होंने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के संबंध में सुझाव भी दिए थे। जिसमें उन्होंने निजी चिकित्सालयों में काम करने वाले चिकित्सकों का वेतन दक्षता के आधार पर देने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत काम करने वाले आयुर्वेदिक चिकित्सकों को एमबीबीएस चिकित्सकों के भांति वेतन दिए जाने ओर सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही वेलनेस सेंटर में आयुर्र्वेद चिकित्सकों की तैनाती की बात कही थी। इसके अलावा उन्हें हर जिले में आयुर्वेद अस्पताल खोलने, व आपातकालीन स्थिति में इन्हें एलोपैथिक दवा देने की छूट देने की भी सुझाव दिया। इस पर पीएमओ ने निदेशक आयुर्वेद को इस पत्र का संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है।

गढ़वाल मंडल के आडिशन संपन्न, कुमाऊं के 21 से

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की ओर से 15 सितंबर से कराए जा रहे गढ़वाल मंडल के कलाकारों के आडिशन में 120 दलों ने भाग लिया। अब कुमाऊं मंडल के कलाकारों का पांच दिवसीय आडिशन 21 सितंबर से अल्मोड़ा में शुरू होगा।

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि गढ़वाल मंडल का चार दिवसीय आडिशन टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी के बाद शनिवार को देहरादून में संपन्न हुआ। इसमें कलाकारों ने सरकार की नीतियों व योजनाओं पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि जो कलाकार किसी कारणवश आडिशन में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें अक्टूबर में दोबारा मौका दिया जाएगा। निर्णायक मंडल और कार्यक्रम में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, अपर निदेशक डा. अनिल चंदोला, संयुक्त निदेशक केएस चौहान, लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, भारतखंडे संगीत महाविद्यालय के नरेंद्र शर्मा, पीआइबी के सहायक निदेशक डा. संतोष आशीष, आकाशवाणी के अनिल भारती आदि शामिल रहे।


शहीद अजय रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

शहीद अजय रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

जम्मू के पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए गढ़वाल राइफल्स और वर्तमान में 48 राष्ट्रीय राइफल के सूबेदार अजय सिंह रौतेला को सैन्य सम्मान के साथ सैकड़ों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी ऋषिकेश के चंद्रेश्वर मोक्ष धाम घाट पर वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हुआ। उनके बड़े पुत्र अरुण रौतेला ने उन्हें मुखाग्नि दी।


14 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में टिहरी जिले के दो सैनिक शहीद हुए थे। जिसमे खाड़ी टिहरी गढ़वाल निवासी सूबेदार अजय सिंह रौतेला (46 वर्ष) ने भी मातृभूमि के लिए महान शहादत दी।

रविवार को शहीद अजय सिंह रौतेला का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट पहुंच गया था। जहां से सोमवार की सुबह शहीद अजय सिंह रौतेला के पार्थिव शरीर को उनके मूलगांव ले जाया गया। अंतिम दर्शन के पश्चात शहीद की अंतिम यात्रा दोपहर 12 बजे ऋषिकेश के चंद्रेश्वर मुक्तिधाम पहुंची।


मुक्तिधाम में सेना की 306 आर्टलरी फील्ड रेजीमेंट की टुकड़ी ने शहीद अजय सिंह रौतेला को शास्त्र सलामी दी। भारतीय सेना की ओर से आर्टिलरी फील्ड रेजीमेंट के कर्नल अजय कौशिक व राष्ट्रीय रायफल के सूबेदार योगेंद्र नेगी ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कर्नल अजय कौशिक ने शहीद के पुत्र अरुण रौतेला को राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया।

वहीं, प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने अमर शहीद को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी टिहरी ईवा श्रीवास्तव, एडिशनल एसपी राजन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र नगर आरके चमोली पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश डीसी धौंडियाल, नरेंद्र नगर के पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, सूबेदार प्रेमाराम, ऋषिकेश नगर निगम महापौर अनीता ममगांई, अजय के चाचा जबर सिंह रौतेला, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी, ऋषिकेश की उप जिला अधिकारी अपूर्वा, तहसीलदार अमृता शर्मा आदि ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

बारिश के कारण बदलना पड़ा स्थान

शहीद अजय सिंह रौतेला के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम मुनिकिरेती के होना तय किया गया था। यहां पर सेना की ओर से तैयारियों की की गई थी। मगर, सुबह से लगातार बारिश के कारण अंत में अंतिम संस्कार के लिए ऋषिकेश मुक्तिधाम को चुना गया।

शहीद की शान में गगनभेदी नारों से गूंजा आकाश

शहीद अजय सिंह रौतेला का पार्थिव शरीर जब मुक्तिधाम पहुंचा तो यहां पहले से ही उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक व जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। नागरिकों ने शहीद के सम्मान में जब तक सूरज चांद रहेगा अजय रौतेला नाम रहेगा..., अजय रौतेला तुम्हारा बलिदान नहीं भूलेगा हिंदुस्तान..., अजय रौतेला जिंदाबाद..., भारत माता की जय... और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। गगनभेदी नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।